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सिकन्दर

छावा: चालीस दिनों तक तड़पाने के बाद शम्भू जी और कवि कलस के शरीर को टुकड़ों में काटा…

सिकन्दर से अब्दाली तक हर बार क्रूरता की नई परिभाषाएं देखी लोगों ने, छील दिए गए चमड़े के ऊपर नमक का लेप स्वीकार किया, रस्सियों में बंध कर पशुवत जीवन स्वीकार किया, पर स्वाभिमान त्यागना स्वीकार…

मणिपुर में दो स्त्रियों को नग्न घुमाने वाली भीड़ का हर पुरुष अपराधी क्यो है?

मणिपुर के उन नीच पुरुषों के कुछ समर्थक भी होंगे, और उन असहाय स्त्रियों का वीडियो पाने के लिए कुत्तों की तरह झपटते लोग भी असँख्य होंगे। स्त्रियों की नग्न देह परोस कर पैसा बटोरने की सिनेमाई…