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राहुल गांधी

यही समय है, सही समय है… एनकाउंटर का…!!!

इसी कन्हैया कुमार की ही NSUI के गुंडों लफंगों आतंकियों ने कल दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अपनी आपराधिक आतंकी करतूतों से वहां उपस्थित लगभग 35 हजार लोगों, जिसमें कई हजार विदेशी थे, को अपने आतंक…

राहुल गांधी के अधिकांश एटम बम प्रश्नों को सुन कर आम जनता हँस दे रही है

वामी लेखक मित्रों! कुल मिला कर बात यह है कि मछली पकड़ने के लिए तालाब में उतर कर पानी में हाथ डाले आप जिस वस्तु को पकड़ कर प्रसन्न हो रहे हैं, वह रोहू नहीं है दोस्त! वह बगल वाले लड़के की...

ये भ्रम कि राहुल गाँधी से जातिगत जनगणना का झुनझुना छीन लिया है, तो बीजेपी स्वयं को ठग…

राहुल गांधी ने कल ही प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कह दिया कि उसकी योजना अब निजी कंपनियों में आरक्षण, संविधान संशोधन से आरक्षण का दायरा बढ़ाने से ले कर भविष्य में कई अन्य बातों को आगे लाना है।

ज्ञानी , मनमोहन और खड़गे की कैफ़ियत

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी देखते ही खड़े हो जाते हैं। राहुल के बैठने के लिए कुर्सी छोड़ देते हैं। प्रियंका गांधी के नामांकन के समय बच्चों की तरह झांकते हुए बाहर खड़े रहते हैं। इतना…

संसद में आम्बेडकर को लेकर चल रही फ़र्ज़ी खींचतान बहुत मनोरंजक है।

बँटेंगे तो कटेंगे का नारा वास्तव में सवर्ण हिन्दुओं के लिए उतना नहीं है, जितना कि वह ​बहुजनों के लिए है कि हमारे साथ रहो तो सुरक्षित रहोगे। जबकि कांग्रेस चाहती है कि धर्म ने जिनको जोड़ा है,…

क्या भाजपा का थिंक टैंक पूरी तरह अप्रासंगिक हो चुका है?

भारतीय संविधान की जो छीछालेदर कांग्रेस ने ४२वें संशोधन में की थी उसका असर आज तक संविधान के ऊपर से गया नहीं है मगर फिर भी २०२४ में कांग्रेस ने संविधान बचाने को मुद्दा बना कर भाजपा के सर पर…

राहुल गांधी ने क्यों कहा कि जो लोग ख़ुद को हिन्दू कहते हैं, वो हिंसा और नफ़रत फैला…

राहुल ने ये भी कहा कि "आप हिन्दू हो ही नहीं..."- अब राहुल गांधी देश को यह भी बताएँगे कि कौन हिन्दू है और कौन नहीं? और उनकी दृष्टि में हिन्दू होने की परिभाषा क्या है?

नया अध्यक्ष कौन ? भूपेश बघेल?

भूपेश बघेल ने विपक्ष में रहते हुए अपने नेतृत्व से कांग्रेस संगठन को मजबूती दी लेकिन मुख्यमंत्री बनने के बाद न केवल उनमें वरन छुटभैये नेताओं के भी आचरण में सत्ता के अहंकार का जो विष फैला उससे…

अराजक महावत किसी हाथी को जब मिल जाता है

हर महीने 8500 रुपए की लालच दिखा कर झंडा ऊंचा करने वाला विपक्ष नहीं जानता कि कोई अराजक महावत किसी हाथी को जब मिल जाता है तब हाथी बिना चूके महावत का काम तमाम कर देता है , क्षण भर में। आह भी…

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के इमरजेंसी के निंदा प्रस्ताव पर समूची कांग्रेस गुंडई पर…

बीते दस साल में जिस अघोषित आपातकाल का ज़िक्र आप कर रहे हैं , उस में धूमिल और दुष्यंत सा कोई कवि या उस की कविता प्रतिरोध में सामने आई हो। परसाई सा कोई गद्य भी आया हो। क्यों नहीं आया ?