www.positiveindia.net.in
Browsing Tag

कर्ण

कर्ण द्वापर में ही नहीं कलयुग में भी होते हैं कभी कुंती के हिस्से , कभी मुलायम के…

ग़नीमत बस यही थी कि अपर्णा आसाम में थीं। लखनऊ में नहीं। अपर्णा अगर लखनऊ में होतीं तो सपा के लोग उन को फंसाने के लिए , लांछन लगाने के लिए कुछ भी कर गुज़र गए होते।

देश विरोध मे नंगे हो चुके सियासत दानों के गले मे राष्ट्रवाद का पट्टा पहनाने का समय आ…

श्रद्धेय अटल जी की साफ छवि,उनकी विकास परक नीतियों से चली सरकार के योगदान को अपने झूठ फरेब,कुचक्रो,छल छंदो और मक्कारी से देश की अधीर जनता को बहका कर कांग्रेस ने अगले दस साल पूरे देश को चोर…