आंबेडकर मुस्लिम समाज को अभिशाप शब्द से याद करते हैं ।
आंबेडकर की स्पष्ट धारणा है कि इस्लामी जनता से अलग हो कर ही भारत का विकास हो सकता है । अम्बेडकर यह भी लिखते हैं कि , कितना भी तुष्टिकरण…
जितने भी अपने को दलित बुद्धिजीवी मानते हैं, सब के सब हिप्पोक्रेट हैं। इन की कोई भी लड़ाई और लफ्फाजी दलितों के लिए नहीं , आरक्षण और सुविधा की मलाई चाटने के लिए ही होती है। जातीय नफ़रत और जहर की…
आंबेडकर की स्पष्ट धारणा है कि इस्लामी जनता से अलग हो कर ही भारत का विकास हो सकता है । अम्बेडकर यह भी लिखते हैं कि , कितना भी तुष्टिकरण किया जाए , आक्रांता की कितनी भी अनुनय-विनय की जाए , उन…