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ये है टीपू का शर्मनाक सच

ज़रा सोचिए कि, जो व्यक्ति युद्ध में शर्मनाक पराजय के बाद अपनी चार औलादों को अपने दुश्मन के पास गिरवी रख चुका था। उसे आज़ाद भारत में देश के गद्दार इतिहासकारों ने शेर और बाघ बता कर महिमा मंडित…

पाकिस्तान एक देश का नहीं, बर्बर मानसिकता का नाम है।

1947 में हुए बटवारे के समय खैबर पख्तूनख्वा के मूल निवासी हरिकिशन तलवार तथा उनके परिवार परिवार को भी पाकिस्तान में जगह नहीं मिली। उन्हें भी भाग कर भारत आना पड़ा। पाकिस्तान एक देश का नहीं,…

अगर वक्फ को रोका नहीं गया तो इसे ईस्ट इंडिया कम्पनी की तरह पाँव पसारते देर नहीं लगेगी

अब जब वक़्फ़ बोर्ड को केवल प्रतीत होना ही काफ़ी है किसी ज़मीन पर क़ब्ज़ा करने के लिए तो उनके लिए हिंदुस्तान की किसी ज़मीन पर दावा करना मुश्किल नहीं है । फ़ैसला भी उन्हीं को करना है ।…

मात्र सत्रह वर्ष की आयु में अंग्रेजी सरकार ने आजाद को जिंदा या मुर्दा पकड़ने पर इनाम…

अमर रहिये तिवारी जी! इस राष्ट्र को आप जैसे युवकों की आवश्यकता सदैव रहेगी... आपके जन्मदिन पर आपको नमन!

गाय को लेकर वामपंथी हिंदुओं की भावनाओं को समझने को क्यों नहीं तैयार हैं ?

रामचरितमानस में रावण द्वारा सीता को घसीट कर अपहृत करने का वर्णन करते समय तुलसी ने मर्मभेदी उपमा दी है जो गाय को ले कर हिंदू संवेदनाओं पर पर्याप्त प्रकाश डालती है , अधम निसाचर लीन्हें जाई…

पढ़-लिख कर भी कट्टर भए !

हामिद अंसारी शरिया अदालत की पैरवी में भी आतुर दिखा । संवैधानिक पद पर रहना , डिप्लोमेट रहना सब ध्वस्त हो गया इस एक नीचता में । और डाक्टर ज़ाकिर नाईक ? कभी चिकित्सक रहे इस व्यक्ति को वहाबी…

गाँधी ने किसी को अंग्रेजों के विरूद्ध सशस्त्र क्रांति करने से रोका था क्या?

निस्संदेह देश की आज़ादी में लाखों करोड़ों लोगों का सहयोग रहा लेकिन श्रेय लीडर को ही मिलता है । वह लोगों के पुरुषार्थ को सही दिशा में ले जाता है । गाँधी के सत्याग्रह को अपना कर ही मार्टिन…