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नरेंद्र मोदी

जानिए कैसे मोदी-योगी के बीच काल्पनिक मनमुटाव हुआ धराशाई

न योगी फ्लॉप है ना ही मोदी के लिए चुनौती है....योगी ही सी.म. चेहरा हैं और योगी ही अगले सी.म. होंगे....बाकी जिसको जितना रायता फैलाना हो फैला ले....फायदा कुछ भी होने वाला नही है..

भाग मछेंदर , गोरख आया !

इस समय देश में तीन मुख्य मंत्री अपने ही भीतरघातियों के निशाने पर हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ , मध्य प्रदेश के शिवराज सिंह चौहान और पंजाब के कैप्टन अमरिंदर सिंह। इन में…

पश्चिम बंगाल को अब सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं

ममता बनर्जी के कुशासन ने सेक्यूलरिज्म का पहाड़ा पढ़-पढ़ कर इस सांप्रदायिकता की भट्ठी को और गरम कर दिया है। इतना कि अब इसे सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं।

पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार से नरेंद्र मोदी की जिताऊ छवि फिर हुई चकनाचूर

ममता बनर्जी ने ह्वील चेयर पर ही बैठ कर नरेंद्र मोदी की जीत का धनुष तोड़ दिया। वाण चलाते भी तो भला कैसे ? ममता को मिली सहानुभूति के आगे सारी रणनीति , साइलेंट वोटर स्वाहा हो गए। चंडी पाठ के आगे…

राहुल गांधी का सामना सच से कराना अत्यन्त आवश्यक है

खबरदार जो उनको दोषी कहा जिनके पास 70 साल तक देश चलाने का ठेका था और जो 70 साल में देश को एक टेस्टिंग लैब बना कर दे गए थे। पिछले 12 महीने के दौरान देश में टेस्टिंग लैब की संख्या बढ़कर 2453 हो…

13 अप्रैल 1919 के सबसे जघन्य नरसंहार के बलिदानियों को याद करने का दिवस

करण थापर नाम का पत्रकार जो उसी गद्दार दीवान बहादुर लाला कुंजबिहारी थापर का पौत्र और प्राणनाथ थापर का पुत्र है। नेहरू खानदान से अपनी इसी रिश्तेदारी के कारण दिल्ली के लुटियनिया मीडिया दरबार…

शरद पवार की बात और वायदे की औकात दो कौड़ी की भी क्यो नहीं रह गयी?

नरेन्द्र मोदी से सम्भवतः पहली बार इतनी बड़ी राजनीतिक चूक हुई है। इसका कारण भी सम्भवतः यही है कि दो कद्दावर राष्ट्रीय नेताओं के मध्य हुई वार्ता और विश्वास का उपयोग दोनों में से एक नेता द्वारा…

मोदी काल में संगठित होती सनातन राष्ट्रवाद की विचारधारा तथा उसके परिणाम

कश्मीरी पंडितों की हत्या होती रहीं केवल एक बीजेपी को छोड़ कर सभी राजनीतिक पार्टियां क्यों खामोश रहीं..श्रीनगर में स्थित संयुक्त राष्ट्र के पर्यवेक्षक और एमनेस्टी इंटरनेशनल कश्मीरी पंडितों की…

कांग्रेस को अपने आई टी सेल में कुछ काम के लोग रखने चाहिए

चौकीदार , चोर है जैसे हमले भाषण में प्रायोजित तालियां मिलने का सबब भले बन सकते हैं पर सामान्य जनता को उद्वेलित , उत्तेजित और कनविंस नहीं करते। हिप्पोक्रेटों को जनता सब से पहले हिट करती है।