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रिश्वत कांड का मामला उजागर करने वाले पत्रकारों को पुलिस का नोटिस

-एनीश पुरी गोस्वामी की कलम से -

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Positive India:Mohala:
मोहला-एनिश पुरी गोस्वामी: मोहला मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले के चिल्हाटी थाना प्रभारी रविशंकर डहरिया और थाने के द्वारा 20 अप्रैल को बैल खरीदार महाराष्ट्र के एक फौजी परिवार एवं बैल मालिक गरीब किसान, सहित पांच लोगों के साथ कथित ज्यादती और 1 लाख रुपए से ऊपर रिश्वत लेने के मामले में थानेदार रविशंकर डहरिया तथा प्रधान आरक्षक राजेश्वर बोगा के खिलाफ आईजी अभिषेक शांडिल्य एसपी वाईपी सिंह के एक्शन के साथ निलंबन कि कार्यवाई और विभागीय जांच एक कदम आगे बढ़ा ही था कि एक अलग मामले मे बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है।

अंबागढ़ चौकी विकासखंड के चिल्हाटी थाना क्षेत्र के भीतर सामूहिक रूप से फंसे लोगों का एफआईआर से नाम हटाने के एवज मे पांच लाख रुपए रिश्वत मांगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार थानेदार रविशंकर डहरिया को रंगें हांथ पकड़ते हुए हिरासत मे लेने रायपुर एसीबी की टीम चिल्हाटी गांव मे दाखिल हुई थी परंतु थाना प्रभारी रविशंकर डहरिया को छापे की भनक लग गई और वे थाने से गायब हो गये जिसके कारण एसीबी की रेड विफल हो गई। इधर बैल परिवहन के प्रकरण में रिश्वत लेने और रात भर थाने मे कैद कर रखने के मामले को उजागर करने वाले स्थानिक पत्रकारों को पुलिस विभाग का नोटिस तामील हुआ है।

छापा विफल होने के बाद देर रात वापस हुई एसीबी की टीम-सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार 20 अक्टूबर को चिल्हाटी गांव में एक युवक की एक्सीडेंट में मौत होने के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शव लेकर घंटो अंबागढ़ चौकी चिल्हाटी महाराष्ट्र मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया था इस प्रकरण में बताया गया कि लगभग 11 लोगों के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध हुआ है ,आरोप है कि संबंधितों का एफआईआर से नाम हटाने के एवज मे थाना प्रभारी रवि शंकर डहरिया 5 लाख रुपए का डिमांड रखे हुए थे जिसका प्रकरण में फंसे लोगों ने एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर से शिकायत की। शिकायत को संज्ञान में लेते हुए तय जाल बिछाकर टीम थाना प्रभारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ने चिल्हाटी में दाखिल हुई परंतु एसीबी की छापें की भनक थाना प्रभारी रविशंकर डहरिया को हो गई और वे देर रात तक थाने से नदारत हो गये जिसके कारण एसीबी की कार्यवाई विफल हो गई

छापे की जानकारी नहीं है:-
बैल खरीदार महाराष्ट्र के फौजी परिवार एवं बैल मालिक गरीब किसान सहित पांच लोगों के साथ थाने मे हुए कथित ज्यादती और एक लाख से ऊपर के रिश्वत लेने के मामले में जांच कर रही डीएसपी नेहा पवार से एसीबी के अफसरों का अप्रैल माह में चिल्हाटी पहुंचने के संबंध में उन्होंने कहां कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।

वर्दी के पीछे भ्रष्ट साया है थानेदार:-
मोहला मानपुर के विधायक इंद्र शाह मंडावी ने पत्रकारों से कहा कि चिल्हाटी रिश्वत कांड में फंसे थाना प्रभारी की जांच जिले से बाहर आईजी की टीम से होनी चाहिए,इसके अलावा चक्का जाम वाले दूसरे मामले में एफआईआर से नाम हटाने थाना प्रभारी डहरिया ने 5 लाख रुपए मांगा था जिसके कारण एसीबी की टीम चिल्हाटी पहुंची थी यह बात सही है । वर्दी के पीछे छुपे भ्रष्ट साया को बचाने कहीं ना कहीं स्थानीय अफसर उसे लाभ पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

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