
पाकिस्तान अमेरिका का वफादार कुत्ता है वह उसे हर हाल में बचाएगा
-राजकमल गोस्वामी की कलम से-

Positive India:Rajkamal Goswami:
अमेरिका के बारे में कोई मुग़ालता पालने की ज़रूरत नहीं है । सन ४७ से पाकिस्तान उसका पालतू कुत्ता है । अमेरिका अपनी डॉग ब्रिगेड का बड़ा सम्मान करता है । रिटारमेंट के बाद भी उसके कुत्ते शाही ठाठ से रहते हैं और मर जाने पर वह उन कुत्तों का भव्य स्मारक बनवाता है ।
अरबों खरबों डॉलर खर्च किये हैं अमेरिका ने उस पर । जब भारत भयावह अन्न संकट से जूझ रहा था तब अमेरिका ने पैटन टैंक और सैबर जेट दे कर पाकिस्तान से भारत पर हमला करवाया , सन ७१ में भी निक्सन ने सातवाँ बेड़ा भेजा । कारगिल में अमेरिका ने अपना जीपीएस सिस्टम हमें इस्तेमाल नहीं करने दिया । ९/११ के बाद भी उसे भारत की नहीं पाकिस्तान की ही मदद चाहिये थी । पाकिस्तान की एक ही ख़्वाहिश है पहले काश्मीर फिर ग़ज़वा ए हिंद । हिंदुस्तान के १८ करोड़ मुसलमानों से बंदूक उठाने का आवाहन इमरान ने यू एन के मंच से कर दिया और किसी महाशक्ति ने इस हस्तक्षेप का अभी तक कोई विरोध नहीं किया ।
भारत का उपयोग अमेरिका केवल पाकिस्तान को लाइन पर लाने के लिये करता है और मान मनौवल के बाद अपने अत्याधुनिक हथियार और जहाज़ उसे देता है । आख़िर जिस आरोप के कारण उसने ईराक़ पर हमला किया और ईरान पर प्रतिबंध लगाये वही सब काम पाकिस्तान ने किये और अमेरिका ख़ामोश है । बिना अमेरिकी रज़ामंदी के पाकिस्तान ने बम नहीं बना लिया ।
आज चीन के बढ़ते वर्चस्व के कारण अमेरिका को भारत की जरूरत पड़ गई है और भारत अमेरिकी कंपनियों के लिये एक बड़ा बाज़ार है फिर भी अमेरिका पाकिस्तान का साथ नहीं छोड़ेगा ।
कश्मीर पर मध्यस्थता का प्रस्ताव इसीलिये है कि वह मिस्र और इजराइल की तरह भारत पाक में कोई समझौता करा दे और अपने दोनों हाथ में लड्डू रखे ।
साभार: राजकमल गोस्वामी-(ये लेखक के अपने विचार हैं)