
माइटी ने इंडियाएआई मिशन के तहत भारत में एआई गवर्नेंस के दिशानिर्देश जारी
प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने भारत के एआई फ्रेमवर्क के मूल सिद्धांत के रूप में 'नुकसान न पहुंचाएं' (डू नो हार्म) पर प्रकाश डाला; एक लचीले, अनुकूलित पारिस्थितिकी तंत्र के भीतर नवाचार सैंडबॉक्स और जोखिम न्यूनीकरण पर जोर दिया

Positive India;
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (माइटी) ने आज इंडियाएआई मिशन के तहत भारत एआई गवर्नेंस दिशानिर्देश जारी किए, जो सभी क्षेत्रों में सुरक्षित, समावेशी और जिम्मेदारी पूर्ण एआई अपनाने को सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक ढांचा है।
दिशानिर्देशों का औपचारिक अनावरण भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने किया। इस अवसर पर माइटी सचिव श्री एस. कृष्णन, माइटी में अपर सचिव, इंडियाएआई मिशन के सीईओ, एनआईसी के महानिदेशक श्री अभिषेक सिंह, माइटी की वैज्ञानिक ‘जी’ एवं जीसी सुश्री कविता भाटिया और इंडियाएआई मिशन की सीओओ सुश्री कविता भाटिया तथा आईआईटी मद्रास के प्रो. बी. रवींद्रन भी उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय की सलाहकार एवं वैज्ञानिक ‘जी’ डॉ. प्रीति बंजल और वैज्ञानिक सचिव डॉ. परविंदर मैनी भी शामिल हुए।
यह लॉन्च भारत-एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन 2026 (इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026) से पहले एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि भारत जिम्मेदार एआई शासन में अपने नेतृत्व को मजबूत कर रहा है।प्रविष्टि तिथि: 05 NOV 2025 2:34PM by PIB Delhi