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विश्ववंदनीय राष्ट्रीय संत को विनयांजलि देने उमड़ा राजधानी रायपुर का सर्व धर्म समाज
राष्ट्रीय संत शिरोमणि आचार्य विद्यासागर महाराज जी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हेतु सर्व समाज की ओर से विनयांजलि का कार्यक्रम आज रायपुर राजधानी के शहीद स्मारक भवन में सकल जैन समाज के बैनर…
सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ मेयर चुनाव रद्द कर कौन सा संदेश दिया?
चंडीगढ़ मेयर चुनाव में लोकतंत्र की हत्या; रिटर्निंग ऑफिसर पर मुकदमा चलाया जाए: सुप्रीम कोर्ट
कुल महिला महाविद्यालय में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर 3 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन होने…
पॉजिटिव इंडिया,रायपुर,
गुरुकुल महिला महाविद्यालय, कालीबाड़ी रोड़, रायपुर (छ.ग.) में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के उपलक्ष्य में दिनांक 26.02.2024 से 28.02.2024 तक 3 दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन किया…
24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर जन्म कल्याणक महामहोत्सव समिति के कार्यालय का उद्घाटन जैन…
Positive India:Raipur:
वर्तमान जिनशासन नायक 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर जन्म कल्याणक महामहोत्सव हर वर्ष पूरे भारत देश धार्मिक वातावरण में हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है राजधानी रायपुर में…
फ़िल्मों में हम अपनी शर्तों के साथ काम नहीं करते : इला अरुण
अगर ‘चोली के पीछ क्या है...’ गीत न होता तो आप क्या होतीं?
पंजाब के अराजक और हिंसक किसान किसानों के नाम पर धब्बा क्यों हैं?
किसान के नाम पर धब्बा हैं यह किसान। अराजक शक्तियों के हाथ बिके हुए यह लोग देश और समाज का जितना नुकसान करते ही जा रहे हैं।
इन को कुचल कर रख देना चाहिए। क़ानून व्यवस्था , देश और समाज के लिए…
आचार्य विद्यासागरजी अध्यात्म के साथ ही साहित्य में भी समाभ्यस्त थे।
"मूकमाटी" कृति आचार्य विद्यासागरजी के अंतर्जगत में प्रवेश की कुंजी है!
आचार्य विद्यासागरजी ने सल्लेखना की रीति से अन्न-जल का त्याग कर महासमाधि ली थी। उससे पूर्व आचार्य-पद और वाणी का भी…
पंडिताई करने वालों को गरियाने का मौसम
समझ नहीं पाता कि पंडितों से चिढ़ने वाले लोग , पंडितों के चक्कर में पड़ते क्यों हैं?
आचार्य के अवदान से गुलज़ार ज्ञानपीठ
1976 में सात स्वर्ण पदकों और कुलाधिपति स्वर्ण पदक के साथ रामभद्राचार्य जी ने आचार्य की परीक्षा उत्तीर्ण की थी।
रामभद्राचार्य भी संस्कृत के बड़े रचनाकार हैं। कवि हैं। अनेक महाकाव्य , खंड…
मूत्र संबंधी समस्या है तो शर्माएं नहीं, इलाज कराएं: डॉ. तुषार दानी
50 वर्ष की उम्र के बाद महिला व पुरुषों में - बार-बार लघुशंका की शिकायतें शुरू हो जाती है। इसके बाद यह बीमारी लगातार बढ़ती जाती है। इसका मुख्य कारण है इंफेक्शन, महिलाओं में मासिक बंद होने के…