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सर्वेश्वर जी जाते-जाते भी मशाल जला गए थे
भेड़िया गुर्राता है
तुम मशाल जलाओ
उसमें और तुममें
यही बुनियादी फर्क है
भेड़िया मशाल नहीं जला सकता।
उन जातियों के नौजवानों से जिनका कोई वोट बैंक नहीं है
जातिगत जनगणना लोकतंत्र का सबसे विद्रूप रूप है । मैं उन जातियों के नौजवानों का आह्वान करता हूँ जिनकी संख्या किसी का वोट बैंक बनने लायक़ नहीं है कि वे जम कर पढ़ाई करें ।
हिंदी लेखकों और पत्रकारों के साथ घटतौली की अनंत कथा
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा भले न हो बाज़ार की सब से बड़ी भाषा है इस दुनिया में। हिंदी से ज़्यादा न सिनेमा बनता है, न धारावाहिक, न अखबार हैं हिंदी से ज़्यादा, न हिंदी से ज़्यादा किताबें छपती हैं…
हिंदी दिवस पर हिंदी शब्दों को बचाने का संकल्प लें, शब्द बचेंगे तो भाषा बचेगी
जब नमस्ते नमस्कार की जगह हाय हैलो और भाई की जगह ब्रो स्थापित होगा तो भाषा मरेगी ।
हम हिंदी की जय जयकार करने वाले कुछ थोड़े से बचे रह गए लोग
Positive India: Dayanand Pandey:
जैसे नदियां , नदियों से मिलती हैं तो बड़ी बनती हैं , भाषा भी ऐसे ही एक दूसरे से मिल कर बड़ी बनती है। सभी भाषाओँ को आपस में मिलते रहना चाहिए। संस्कृत , अरबी ,…
Dr Pradeep Sharma of MMI Discusses Sepsis – A Silent Killer
Sepsis is a strong foe yet it is not unbeatable.
प्रेम पत्र: इसलिये नहीं कि तुम लिखती थीं कविताएँ!
ना इसलिये कि तुम्हारी आँखों में था सजल सम्मोहन और आवाज़ में प्रतीक्षा का ताप।
रजिया फंस गई गुंडों में !
अशोक वाजपेयी , वामपंथी लेखकों को बंदर की तरह नचाने में मास्टर हैं।
जब मुझे लगा कि बुद्ध मुझसे कानों में कुछ कह रहे हैं
रोमांचक और खूबसूरत जीवन की चुनौतियों के बदले मुक्ति का श्मशान जैसा सन्नाटा मुझे आकर्षित नहीं करता... अपनी असंख्य तृष्णाओं पर थोड़ा नियंत्रण और अनुशासन तक तो ठीक है...लेकिन इनसे मुक्ति ?
आपको जानना चाहिए भारत में पाए जाने वाले विविध प्रकार के भूतों के बारे में
चुड़ैल! यह स्त्री भूत है। यह बहुत बदमाश होती है। एकदम स्वरा... छत पर या खेत में अकेले सोये लोगों के पास सुन्दर रूप धर के आती है।