Browsing Category
Top Headlines
पर पृथ्वी पर दुबारा जन्म नहीं लेना चाहती : लता मंगेशकर
Positive India: Dayanand Pandey:
किसी के दिल को लुभाना हो, दुलराना हो या फ़िर दिल की या किसी भी तकलीफ़ की तफ़सील मे जाना हो लता मंगेशकर कि आवाज हर मोड़ पर मुफ़ीद जान पड़ती है। राज्य सभा में…
नसरल्लाह अब दुनिया को डरा नहीं पाएगा
हसन नसरुल्ला के मारे जाने के साथ ही हिजबुल्ला की कमर टूट चुकी है। जो काम इसराइल हमास के साथ 11 महीनों में नहीं कर पाया, मात्र 10 दिन के अंदर हिजबुल्लाह के साथ कर दिया।
Israel Attacks Hezbollah Chief Hassan Nasrallah In Lebanon
F-35 used bunker buster and wiped out entire 14 story building. Alongwith this six adjoining buildings have been completely destroyed.
तिरुपति लड्डू विवाद में प्रसाद को माथे से लगा कर श्रद्धापूर्वक ग्रहण करने वाले…
पर तुम? किसी राजनैतिक चेहरे की गुलामी करते करते इतने पतित हो गए कि अपने ही भाइयों का मजाक उड़ाने लगे?
ईरान ने हिज़्बुल्लाह को शेर के मुँह में डाल दिया
हमास की बेइंतिहा पिटाई अभी पूरी भी नहीं हो पाई थी कि ईरान ने हिज़्बुल्लाह को शेर के मुँह में डाल दिया । जितना बुरा हाल हमास का हुआ उससे कहीं बुरा हश्र हिज़्बुल्लाह के लड़ाकों का होगा ।
नहीं सामाजिक समता की बात तो महात्मा बुद्ध भी करते थे , कार्ल मार्क्स भी
आरक्षण की खीर खाने के लिए कुतर्क करते रहिए। मौज करते रहिए। नो प्रॉब्लम। लेकिन आरक्षण की बैसाखी ले कर आप सरकारी नौकरी पा सकते हैं। सुविधाएं भी। पर सम्मान कभी नहीं।
हिंदुओं को उनके मंदिरों को जला देंगे अगर उन्होंने हमारे गांवों में मंदिर बनाया तो
कभी देखा है,किसी यहूदी को किसी जर्मन नाज़ी का महिमामंडन करते हुए?या देखा है फिलिस्तीनी हों या किसी भी राष्ट्र के अमन पसंद कौम वाले हों,इजरायल का पक्ष लेते हुए?
रायपुर दक्षिण बृजमोहन के जिम्मे
रायपुर नगर निगम के मेयर एजाज ढेबर के अभियान को वोटरों ने सख्त नापसन्द किया था। जिसकी वजह से वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ। यदि कांग्रेस ने यह गलती दुबारा दुहराई तो यह माना जाना चाहिए कि…
INDIAN NAVY HOSTS GOA MARITIME SYMPOSIUM – 24
Goa Maritime Symposium 24 brought together regional stakeholders to discuss strategies for addressing non-traditional threats in the maritime domain in the IOR.
बालाजी मंदिर में भक्तों को गाय की चर्बी वाला प्रसाद खिला रहे थे
मन्दिर हिन्दुओं का है, पर बोर्ड में अन्य धर्मावलंबी भी रहते हैं। वैसे लोग, जिनकी धर्म में आस्था तक नहीं है। क्यों भाई? यह अत्याचार क्यों? यह तो सीधे सीधे गुलामी है। फिर यही न होगा?