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अतुल सुभाष की आत्महत्या कानून के दायरे में होने वाली प्रताड़ना और अत्याचार का मुद्दा…
आदमी जब पीड़ित होता है तो कोर्ट की शरण में जाता है। जब कोर्ट ही अन्याय करने लगे, पीड़ा देने लगे तो कहाँ जाय?
रस्सा कसी खेल प्रतियोगिता शांतिनिकेतन कॉलेज के स्टूडेंट्स ने दिखाया दम
Positive India:Raipur:
शांतिनिकेतन महाविद्यालय चंगोराभाठा रायपुर में दिनांक 11 दिसंबर 2024 से वार्षिक वार्षिक खेल महोत्सव 2024 के द्वितीय दिवस का आगाज महाविद्यालय के एमडी मुकेश गुप्ता ,…
रायपुर पुलिस ब्रेकिंग:थाना तेलीबांधा क्षेत्र में गांजा बिक्री करते 03 आरोपी रंगे हाथ…
एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने थाना तेलीबांधा क्षेत्रांतर्गत फुण्डहर स्थित शिव मंदिर पास गांजा बिक्री करते पकड़ा।
प्रेम के चूके हुए अवसर
"मैं ब्राह्मण कुल में नहीं जन्मा तो क्या हुआ? कर्म और वर्ण से मैंने स्वयं को सदैव विप्र ही समझा है।
प्रत्युषा फाउंडेशन ने विश्व दिव्यांग दिवस मनाया
पॉजिटिव इंडिया;रायपुर,
प्रत्युषा फाउंडेशन के द्वारा विश्व दिव्यांग दिवस का कार्यक्रम अर्पण दिव्यांग पब्लिक स्कूल बजाज कॉलोनी न्यू राजेन्द्र नगर रायपुर छ.ग में मनाया गया
कार्यक्रम की…
शांतिनिकेतन महाविद्यालय में वार्षिक खेल महोत्सव उमंग उल्लास-2024 प्रारंभ
वार्षिक खेल महोत्सव उमंग उल्लास 2024 के प्रथम दिवस के अंतर्गत शतरंज , थ्री लैग रेस , खो खो 1 मिनट गेम शो और बैडमिंटन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
भारत के लिए एक नया संविधान समय की आवश्यकता है
लोहिया कहते थे कि ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करतीं और फ़्रांस कहता है कि ज़िन्दा क़ौमें एक संविधान से चिपकी नहीं रहतीं ।
पुष्पा जैसी सबसे अधिक कमाई करने वाली अधिकांश फिल्में हिंसा से भरी हुई है
यह धर्म का अनुशासन ही है कि ईरान से भाग कर आये सौ डेढ़ सौ पारसी न केवल हजार वर्ष से सुखमय जीवन जी रहे हैं, बल्कि टाटा के रूप में सबसे बड़े व्यवसायी और भाभा के रूप में सबसे बड़े वैज्ञानिक बन…
कुछ बाते कभी भूली नहीं जानी चाहिए
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
हमें याद रहना चाहिए कि सन 1528 में एक क्रूर, असभ्य, अभद्र आतंकवादी ने अयोध्या में महाराज विजयचन्द( कन्नौज नरेश जयचंद के पिता! मन्दिर जयचन्द की…
अब दिल्ली की चुनौती
दिल्ली चुनाव के संदर्भ में सबसे खराब स्थिति कांग्रेस की रही है. हरियाणा के बाद महाराष्ट्र में भी भीषण पराजय से दिल्ली पुन: दूर नज़र आने लगी है ।