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Breaking:आम आदमी पार्टी में कई पत्रकारों को पे-रोल पर रखा था
आम आदमी पार्टी में कई पत्रकारों को पे-रोल पर रखा था और इसके लिए उन्हें दिल्ली के कई सरकारी कॉलेज में गवर्निंग बॉडी में नियुक्ति किया गया ।
India Got Latent के रणवीर अल्लाहबादिया पर थूकना चाहिए
आज जो खुलेआम गाली गलौज हो रहा है उसकी जड़ें कुंठित कुत्सित वामपंथी मानसिकता में है। विश्वनाथ (सरिता, मुक्ता, सरस सलिल जैसी पत्रिकाओं के सम्पादक) के जमाने से अश्लीलता और वर्जनाओं को तोडने को…
ब्रेकिंग:वामपंथ के लाभार्थी पहली बार निशाने पर आए हैं
पहली बार वामपंथ की जड़ खोदी जा रही है, उनका सोर्स सूख रहा है. एलोन मस्क की टीम दिन रात बैठ कर USAID के घोटाले खंगाल रही है, उन सभी रास्तों को बन्द कर रही है जहां से ये विषधर पोषित होते हैं
गीता कहती है कि संसाररूपी जो वृक्ष है, उसमें मूल ऊपर है, शाखाएँ नीचे हैं!
जैसे वृक्ष की जड़ें पाताल में होती हैं और वहाँ से वृक्ष का तना फूटकर आकाश की ओर बढ़े चला जाता है, उसके ठीक उलट, जो सर्वोच्च पद है, उस ब्रह्म से संसार की व्युत्पत्ति होती है और उसके बाद…
प्रत्युषा फाउंडेशन हुआ सम्मानित
Positive India:Raipur:
यातयात पुलिस द्वारा 1जनवरी से 30 जनवरी तक सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जाता है इस वर्ष भी किया गया जिसके अंतर्गत बाईक रैली हेलमेट पहनने शिक्षण संस्थानों में…
भस्मासुर बनाने और निपटाने में भाजपा की कैफ़ियत
मोदी ने कांटे से कांटा निकाल कर अरविंद केजरीवाल को कहीं का नहीं छोड़ा। कंगाल बना दिया। अरविंद केजरीवाल नाम का भस्मासुर निपट गया है।
नरेंद्र मोदी ड्राईक्लीनर्स दुनिया का बेस्ट ड्राईक्लीनर्स
राज्य सभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण के जवाब में नरेंद्र मोदी ड्राईक्लीनर्स ने आज कांग्रेस की जो धुलाई की है , डेढ़ घंटे से अधिक की है , कलफ़ लगा-लगा कर की है , कि पंजा चीथड़े-चिथड़े हो गया…
अमेरिका ने अवैध रूप से घुसे भारतीय आप्रवासियों को भारत भेजना शुरू कर ही दिया
डोनाल्ड ट्रंप की भारत में बहुत ज़रूरत है । कोशिश करके एक बार भारत सरकार की बागडोर उन्हें दे दी जाये तो शायद भारत में भी स्वच्छता अभियान शुरू हो सके । भारत में किसी नेता में इतना दृढ़प्रतिज्ञ…
विपश्यना, वासना और प्रेम का द्वंद्व: एक मनोवैज्ञानिक यात्रा
यह उपन्यास एक सशक्त मनोवैज्ञानिक यात्रा है,जिसमें अतीत और वर्तमान के बीच झूलते हुए, पात्रों की आंतरिक दुनिया और बाहरी घटनाओं का अद्भुत मेल है।
महाकुंभ में सम्पन्न होगा सदानीरा त्रिवेणी लोक विमर्श
डेढ़ दो महीने चलने वाले संसार के सबसे बड़े मेले में जीवन का हर रंग उभरता है। उल्लास, आनन्द, भय, दुख, अवसाद... इस बार ही नहीं, हर बार... सारे भाव साथ दौड़ते हैं, पर अंततः जीतता है उल्लास! वही…