www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Uttar Pradesh

उल्लू को कबूतर कैसे कह दूं ?

स्वामी प्रसाद मौर्य को राजनीतिक मौसम विज्ञानी कह कर उत्तरप्रदेश में सपा की सरकार बनने का ढपोरशंख बजाने में जुट गए न्यूजचैनलों के ढपोरशंखी एंकर एडिटर रिपोर्टरों को क्या कहा जाए.?

योगी जी की तस्वीर के साथ टेरर शब्द शीर्षक का भारत ने क्यों बहिष्कार कर दिया ?

टेरर शब्द लिखने वालों ने बड़ी सोच समझकर वो तस्वीर छापी। आंखों से जैसे अंगारे निकल रहे हों। अंगारों की दहक में जैसे कोई सामने पड़े तो जलकर राख हो जाए। आंखों में इसी दहक को कारवां ने टेरर के…

डिजाइनर नैरेटिव में बदलते सवालों पर ध्यान देने की क्यों आवश्यकता है?

पीयूष जैन पुष्पराज जैन का ही साला है। यह भी मान लिया जाए यदि की गलती से अपने ही कारोबारी पर सरकार ने रेड डलवाया तो कम से कम अपने कहे पर कायम तो है कि "ना खाएंगे, ना खाने देंगे"।

अखिलेश से बौखलेश होते जाने की यातना

अखिलेश पर सब से बड़ा इल्जाम पिता मुलायम की पीठ में छुरा घोंपने का है। लोग कहते ही रहते हैं कि जो अपने बाप का नहीं हुआ , वह किसी का नहीं हो सकता । लोग औरंगज़ेब से उन की तुलना करते हुए ,…

आगामी 25 साल में भारत की विकास यात्रा की बागडोर संभालें युवा: मोदी

पॉजिटिव इंडिया:कानपुर ; प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं से आत्मनिर्भर और आधुनिक भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील करते हुए मंगलवार को कहा कि आगामी 25 साल में…

प्रधानमंत्री ने कानपुर में मेट्रो रेल परियोजना की शुरुआत की

पॉजिटिव इंडिया:कानपुर (उप्र) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कानपुर मैं 11 हजार करोड़ रुपये लागत की कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के प्रथम खंड की शुरुआत की। मोदी ने इस दौरान मेट्रो…

विपक्ष के सिलेबस में सिर्फ माफियावाद और परिवारवाद: मोदी

पॉजिटिव इंडिया:वाराणसी; 23 दिसंबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की राजनीति को सिर्फ जाति और मजहब के चश्मे से देखने वाले…

विपक्षी नेताओं ने अजय मिश्रा की बर्खास्तगी की मांग करते हुए मार्च निकाला

पॉजिटिव इंडिया:नयी दिल्ली, 21 दिसंबर 2021: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने लखीमपुर खीरी मामले को लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को…

काशी विश्वनाथ की भव्यता देख नौशाद क्यों रो पड़ा?

हमारा धर्म स्थल तोड़कर उस पर गुंबद लगाकर तहजीब का स्टीकर कोई आतताई औरंगजेब आकर चिपका दे, तब वह बहुत खुश रहता है। लेकिन उस गुंबद को हम छुए भी ना और अलग से ही अपने सांस्कृतिक विरासत को भव्य…