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Chhattisgarh
बृजमोहन के लिए अंगूर फिलहाल खट्टे क्यों हैं?
यह निश्चित है कि राज्य की राजनीति में अब बृजमोहन अग्रवाल का सीधा दखल नहीं रह पाएगा। चार दशक से प्रदेश की राजनीति करने वाले व्यक्ति के लिए यकीनन यह स्थिति बहुत पीड़ादायक है। बृजमोहन की कसक को…
प्रत्युषा फाउंडेशन हुआ सम्मानित
Positive India:Raipur:
समाज में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रत्यूषा फाउंडेशन को सम्मानित किया गया है।
समाज में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए जे सी आई नोबल और संजीवनी कैंसर हॉस्पिटल के…
वनवासी विकास समिति द्वारा आयोजित तीरंदाजी प्रशिक्षण वर्ग का हुआ समापन
Positive India:Raipur:
वनवासी विकास समिति के अंतर्गत एकलव्य खेलकूद प्रकल्प रायपुर ,द्वारा दिनांक 11 मई 2024 से आयोजित 20 दिवसीय तीरंदाजी प्रशिक्षण शिविर का समापन आज विधिवत श्री कैलाश…
छत्तीसगढ़ में नक्सल मोर्चे पर अंतिम लड़ाई, क्या बस्तर में रुक पाएगी हिंसा?
यह बहुत स्पष्ट है कि केंद्र व राज्य सरकार ने नक्सलवाद व नक्सलियों के खात्मे का पक्का बंदोबस्त कर लिया है।
Dr.Padhi of MMI Narayana Hospital Invited As Faculty For EuroPCR
Ajit Kumar-Facility Director of MMI Narayana Hospital told that they are honoured that Dr. Sumanta Shekhar Padhi has been recognized for his expertise and will share his insights at the…
Why MMI Narayana Is Concerned About Youth Who Are Affected by High Blood Pressure?
Hypertension is called a 'silent killer' because it does not have any specific symptoms, but some symptoms should never be overlooked, such as - headache, fatigue and lethargy, increased…
बृजमोहन अग्रवाल जीत तो जायेंगे पर आगे क्या ?
प्रदेश सरकार में मंत्री पद छोड़कर कौन व्यक्ति सांसद बनना चाहेगा ? लेकिन पार्टी अनुशासन से बंधे बृजमोहन की यह मजबूरी है. बहरहाल पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में उनकी भूमिका क्या रहेगी, यह…
92 वर्ष की आयु में किया मतदान।
Positive India:Raipur:
7 मई को आम चुनाव का तीसरा चरण समाप्त हुआ। इस चरण में मतदाताओं का उत्साह देखते ही बना। इस तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ की सभी सातों सीटों पर मतदान पूर्ण हुआ। मतदाताओं ने…
थैलेसीमिया के खिलाफ जागरूकता : एम एम आई नारायणा हॉस्पिटल का प्रयास
Positive India:Raipur:
विश्व थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर, एम एम आई नारायणा हॉस्पिटल लोगों को थैलेसीमिया के बारे में जागरूक करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण संदेश देने के लिए समर्थ है।…
2019 से क्यों अलग हैं ये चुनाव ?
भाजपा के लिए यह चुनाव 2019 के चुनाव की तरह आसान नहीं है। कांग्रेस को एक से अधिक सीटों का लाभ मिल सकता है। कोरबा कांग्रेस के पास है जहां वह अपना दबदबा पुनः कायम रख सकती है, दूसरी सीट कांकेर…