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Politics

अपनी ही अदालत में मुकदमा हारते खड़े अटल !

असल में अटल जी वह शीशा हैं जिसे आप अगर पत्थर से भी तोड़ने चलें तो पत्थर टूट जाएगा, वह शीशा नहीं। ऐसा मेरा मानना है। याद कीजिए गोवा का सम्मेलन। जिस में पार्टी की राय को दरकिनार कर अटल जी ने…

अपनी देह से कुछ स्त्रियां इतनी खफ़ा-खफ़ा क्यों रहती हैं?

मनुष्य होना भाग्य है तो स्त्री होना सौभाग्य ! तो यह देह से आज़ाद होने की बात मुझे बेमानी लगती है। अगर यह देह न हो स्त्रियों के पास तो उन्हें अपनी विपन्नता का अंदाज़ा लग सकता है।

भारतीय सेना ने चार मेधावी महिला खिलाड़ियों की भर्ती की

Positive India:New Delhi: भारतीय सेना "नारी शक्ति" को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सशस्त्र सुरक्षा बलों के प्रयासों को प्रमुखता से प्रोत्साहन दे रही है। भारतीय सेना ने अपने मिशन ओलंपिक…

शाहरुख खान ने क्यों कहा कि कला को मजहब और सरहद से अलग रखना चाहिए ?

शाहरुख खान की लगातार जो फिल्में आई हैं, उसका नाम देखकर आपको क्या लगता है? बादशाह, माय नेम इज खान, रईस, अब जो फिल्म आई है पठान, किसी मुस्लिम सोशल का एक हिस्सा है तो है। जो व्यक्ति बड़ी…

किसानों ने भविष्य तो बचाया पर खाली हाथ है उनका वर्तमान

दिन रात कुर्सी हासिल करने और उसे बचाने के खेल में लगी सरकारें धीरे-धीरे यह भूलते जा रही है कि देश का सबसे महत्वपूर्ण वर्ग रहा है ये किसान,जिसके पसीने के दम पर यह देश पूरी दुनिया में सोने की…