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Politics
कम्युनिस्टों पर सरदार पटेल के 5 अनमोल विचार
Positive India:प्रखर श्रीवास्तव:
*कम्युनिस्टों पर सरदार पटेल के 5 अनमोल विचार !!!*
इस देश का इतिहास वामपंथियों ने लिखा इसलिए उन्होंने इस सच को छुपा लिया कि आज़ादी के बाद कम्युनिस्टों ने इस…
मतपत्रों में हेराफेरी की सबसे कम संभावना ईवीएम में है
मतपत्रों के दौर में लगभग हारे हुए मौलाना आज़ाद रामपुर से चुनाव जीत जाते थे ।
राहुल गांधी के अधिकांश एटम बम प्रश्नों को सुन कर आम जनता हँस दे रही है
वामी लेखक मित्रों! कुल मिला कर बात यह है कि मछली पकड़ने के लिए तालाब में उतर कर पानी में हाथ डाले आप जिस वस्तु को पकड़ कर प्रसन्न हो रहे हैं, वह रोहू नहीं है दोस्त! वह बगल वाले लड़के की...
पैसा , औरत और अदालतों के फ़ैसले
सिर्फ हाईकोर्ट और निचली अदालतों में ही यह पैसा और लड़की वाली बीमारी है। सुप्रीम कोर्ट में भी जस्टिस लोगों के अजब-गज़ब किस्से हैं।
सोने की टोटी वाला सद्दाम हुसैन जब भिखारियों की तरह मिला
एक समय था कि इराक़ का तानाशाह सद्दाम हुसैन अपने बाथरूम में सोने की टोटी लगाए था । सोने के टोटी से आए पानी से नहाता था । पर अपने अंतिम समय में अखिलेश यादव की तरह सोने की टोटी , टाईल नहीं ले…
ट्रंप और नेतन्याहू मोदी की तरह ढकोसलेबाज़ नहीं हैं
लिख कर रख लीजिए कि तमाम इफ बट के बावजूद तीसरा विश्व युद्ध नहीं होना है , न परमाणु युद्ध । लेकिन इस्लामिक आतंकवाद इतना ख़तरनाक है कि अगर उस के पास परमाणु बम हो तो जाने क्या कर दे ।
मेरे भाई, जाओ पहले इस्लाम का “साइन” लेकर आओ!
जाओ, पहले उस तवारीख़ का पता लगाओ, उस नस्ल का, उस नीयत का, जिसने हिंदुस्तान के हाथ पर लिख दिया था : "मेरी औलादों में अलगाव हो!"
आपरेशन सिंदूर में अमरीका का भी आपरेशन हो गया लगता है
असल में परमाणु बम बनाना उतना कठिन नहीं है , जितना उसे संभाल कर रखना । वह भी गधों के कारोबारी देश पाकिस्तान में । अमरीका पर लात बहुत तेज़ पड़ी है । पाकिस्तान को आई एम एफ लोन इसी लात का परिणाम…
सीज फ़ायर की काली दाल की कैफ़ियत में सवालों के सुलगते सागर
जनता की मंशा थी , पी ओ के को आज़ाद करवा कर भारत में मिला लेना । जनता का लक्ष्य था , पाकिस्तान के दो और टुकड़े करना । बलूचिस्तान भी लेकिन नहीं तोड़ पाए । जनता का लक्ष्य यह भी था कि…
मोदी जी ने सीज फायर मानकर कटोरे में जीत सजा कर पाकिस्तान को थमा दी।
और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी क्या कर रहे हैं ? सिर्फ मीटिंग पर मीटिंग, मीटिंग पर मीटिंग। उसके बाद धीरे से Ceasefire को मान गए, वह भी मात्र दो दिन के लड़ाई में। क्या भारत इतना…