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Politics
कुरुक्षेत्र सांसद नवीन जिन्दल को महात्मा हंसराज गौरव सम्मान
उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने तिरंगा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए नवीन जिन्दल के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नवीन जिन्दल अपने उद्देश्य के प्रति इतने समर्पित थे कि वे…
अगर योगी को हटाया तो अगले चुनावों में भाजपा का पूर्ण सफाया क्यों तय है ?
योगी को हटाने के पीछे कौन हो सकता है ? भाजपा के ओबीसी विधायक, केंद्रीय नेतृत्व या संघ ?
INDIAN ARMY CONTINGENT DEPARTS FOR MULTINATIONAL MILITARY EXERCISE KHAAN QUEST
Positive India:New Delhi:
The Indian Army contingent departed today for the Multinational Military Exercise KHAAN QUEST. The exercise is scheduled to be conducted from 27th July to 9th…
मात्र सत्रह वर्ष की आयु में अंग्रेजी सरकार ने आजाद को जिंदा या मुर्दा पकड़ने पर इनाम…
अमर रहिये तिवारी जी! इस राष्ट्र को आप जैसे युवकों की आवश्यकता सदैव रहेगी... आपके जन्मदिन पर आपको नमन!
दुकानदारों को अपनी पहचान छिपाने का हक देना सुप्रीम कोर्ट ने किस आधार पर सही माना है?
भारतीय मुसलमान राजनीति का शिकार हुआ है या भारतीय राजनीति मुसलमानों की शिकार होकर रह गई है, शिक्षण संस्थानों में जो मुसलमान बुर्के की वकालत करते हैं कि हमारी महिलाएं अपनी पहचान यानी बुर्का…
कांग्रेसी , वामपंथी और मुस्लिम समाज के लोगों का सामूहिक कदम ताल अद्भुत क्यों है?
वामपंथी धर्म को अफीम मानते हैं । जब कि वहीं मुस्लिम समाज के लोग मज़हब के आगे किसी को नहीं जानते , मानते और सुनते हैं । मज़हब के आगे सब कुछ भाड़ में ।
शिवाजी महाराज ने डंके की चोट पर हिन्दवी साम्राज्य की घोषणा की।
राष्ट्र के इतिहास में #छत्रपति_शिवाजी_महाराज वे प्रथम व्यक्ति थे जिन्होंने एक ऐसे भारत की कल्पना को साकार रूप दिया जिसमें हिन्दू को हिन्दू होने का गौरव था।
ज़ुबैर क्यों चाह रहा है कि सड़कों पर बैठी इन गायों का क़त्ल कर दिया जाए ?
ज़ुबैर कहता है, सॉल्यूशन बोलूंगा तो प्रॉब्लम हो जायेगा। ज़ुबैर को सॉल्यूशन नहीं पता है। वह इतना भर चाहता है कि इन गायों का क़त्ल करवा दिया जाए। पर मैं ज़ुबैर को किस मुँह से दोष दूँ जब इस देश…
गाय को लेकर वामपंथी हिंदुओं की भावनाओं को समझने को क्यों नहीं तैयार हैं ?
रामचरितमानस में रावण द्वारा सीता को घसीट कर अपहृत करने का वर्णन करते समय तुलसी ने मर्मभेदी उपमा दी है जो गाय को ले कर हिंदू संवेदनाओं पर पर्याप्त प्रकाश डालती है ,
अधम निसाचर लीन्हें जाई…
प्रतिभाहीन रेगिस्तान !
आलम यह है कि 96 प्रतिशत पर भी आप को विश्वविद्यालय में एडमिशन ही नहीं मिलता जब कि पचास प्रतिशत वाले को धड़ल्ले से एडमिशन मिल जाता है । तब पढ़ेगा भी कौन इस देश में । मेरिट का आलम यह है कि चौरासी…