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Politics
चित्तौड़ संसार में क्षत्रिय स्वाभिमान का आदर्श बना हुआ है
पूर्णाहुति अपने योद्धा पूर्वजों के प्रति मेरी श्रद्धा है। मेरा प्रणाम, मेरा समर्पण, मेरी निष्ठा... संसार को नहीं, स्वयं को दिया गया एक भरोसा कि वे सदैव मेरे लिए देवतुल्य ही रहेंगे।
मोदी विरोधियों को अपनी चुप्पी से अप्रासंगिक बना देते हैं
मोदी का धुर विरोधी भी मानता है कि सन चौदह के बाद भारत में बदलाव तो आया है। वह भले उस बदलाव की आलोचना करे, उसे दिन भर कोसता रहे, पर इस बदलाव को नकार नहीं पाता। यही आपकी जीत है, यही आपकी सफलता…
पेजर्स ब्लास्ट होने के बाद हिजबुल्लाह अब पेजर्स की जगह,कबूतरों का इस्तेमाल करेगी
पेजर ब्लास्ट होने के बाद हिजबुल्लाह के कर्मचारीयों को 72 हूरें क्या उन्हें कुबूल करेंगी,जब उनके पास,उनके पुरुषत्व की पहचान करवाने वाले महत्वपूर्ण ऑर्गन ही नहीं बचे?
उन जातियों के नौजवानों से जिनका कोई वोट बैंक नहीं है
जातिगत जनगणना लोकतंत्र का सबसे विद्रूप रूप है । मैं उन जातियों के नौजवानों का आह्वान करता हूँ जिनकी संख्या किसी का वोट बैंक बनने लायक़ नहीं है कि वे जम कर पढ़ाई करें ।
हिंदी लेखकों और पत्रकारों के साथ घटतौली की अनंत कथा
हिंदी हमारी राष्ट्रभाषा भले न हो बाज़ार की सब से बड़ी भाषा है इस दुनिया में। हिंदी से ज़्यादा न सिनेमा बनता है, न धारावाहिक, न अखबार हैं हिंदी से ज़्यादा, न हिंदी से ज़्यादा किताबें छपती हैं…
हिंदी दिवस पर हिंदी शब्दों को बचाने का संकल्प लें, शब्द बचेंगे तो भाषा बचेगी
जब नमस्ते नमस्कार की जगह हाय हैलो और भाई की जगह ब्रो स्थापित होगा तो भाषा मरेगी ।
हम हिंदी की जय जयकार करने वाले कुछ थोड़े से बचे रह गए लोग
Positive India: Dayanand Pandey:
जैसे नदियां , नदियों से मिलती हैं तो बड़ी बनती हैं , भाषा भी ऐसे ही एक दूसरे से मिल कर बड़ी बनती है। सभी भाषाओँ को आपस में मिलते रहना चाहिए। संस्कृत , अरबी ,…
रजिया फंस गई गुंडों में !
अशोक वाजपेयी , वामपंथी लेखकों को बंदर की तरह नचाने में मास्टर हैं।
हुए तुम दोस्त जिसके, दुश्मन उसका आसमाँ क्यूँ हो
मुंबई में कम्युनिस्टों से निपटने के लिए एक समय इंदिरा गांधी ने बाल ठाकरे को खड़ा किया था। बाल ठाकरे इंदिरा गांधी की ही फसल थे।
चे ग्वेवारा मेडिकल डिग्री धारक चिकित्सक थे लेकिन कम्युनिस्ट क्रांतिकारी बन गये
जब मुल्क के सारे बाशिन्दों को जिहाद पर लगाना है तो उतनी ही पढ़ाई ज़रूरी है कि नमाज़ पढ़ सकें ।