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Politics
क्या खान सर को विद्यार्थियों को भड़काने तथा चलती ट्रेन में आग लगवाने का हक है?
खान सर ने हमास जैसे आतंकवादी संगठन को बड़े सॉफ्ट अंदाज से सपोर्ट किया था। तभी मैं उनका एजेंडा पहचान कर विरोध किया था। इजराइल के सामने तो अच्छे-अच्छे मोमिनों की तहजीब निखर आती है। फैजल खान…
गणतंत्र दिवस पर भव्य ‘फ्लाई पास्ट’ का आयोजन,
पॉजिटिव इंडिया : दिल्ली,
देश के 73वें गणतंत्र दिवस पर बुधवार को यहां आयोजित परेड के दौरान ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने के लिए 75 विमानों का भव्य ‘फ्लाइपास्ट’ आकर्षण का मुख्य केंद्र रहा।…
मुजफ़्फ़र नगर और कैराना दोनों को बहुत अच्छी तरह क्यों याद है ?
समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल के बीच जूतमपैजार शुरु हो गई है। घमासान मच गया है। वीडियो वार हो रहा है। मुसलमान कह रहे हैं कि हम जाटों को सबक़ सिखाएंगे। जाट कह रहे हैं कि हम मुसलामानों को…
दही समझ के चूना क्यों चाट गई तिकड़ी?
आरपीएन सिंह के भाजपा में शामिल होने के बाद स्वामीप्रसाद को यह भी समझ में आ गया है कि उसके लिए पड़रौना से खुद अपना चुनाव जीतना भी लोहे के चने चबाने के समान ही सिद्ध होने जा रहा है। कुल मिला कर…
नेहरू ने 25 साल बाद सुभाष चंद्र बोस के लिए वकालत की अपनी कोट क्यों पहनी ?
नेहरू ने वकालत के नाम पर दिखावा करने की कोशिश क्यों की? गांधी ने सुभाष चंद्र बोस के हिंसा का हवाला देकर नेहरू को रोकने की कोशिश क्यों नहीं की? गांधी इरविन समझौता में भगत सिंह को न बचाने के…
क्यों बिछड़े सभी बारी-बारी ??
ज्योतिरादित्य सिंधिया , जितिन प्रसाद और अब आर पी एन सिंह। तो क्या अगला नंबर सचिन पायलट का है ?
सुभाषचन्द्र बोस की प्रतिमा को सम्मान पूर्वक स्थापित कर मोदी ने षड्यंत्रों को कैसे धूल…
6-7 दशक लंबे सुनियोजित सुसंगठित कांग्रेसी षड्यंत्रों की धज्जियां आज उस प्रधानमंत्री ने एकबार फिर उड़ा दीं जिसका जन्म गुजरात के एक छोटे से गांव वडनगर के एक निर्धन विपन्न परिवार में हुआ और…
भारत की चुनावी राजनीति बड़ी दरिद्र राजनीति क्यों है ?
Positive India:Dayanand Pandey:
भारत की चुनावी राजनीति भी बड़ी दरिद्र राजनीति है। वोटर हो , प्रत्याशी हो , पार्टी या मीडिया सब के सब यही हिसाब लगाते हैं कि मुसलमान किसे वोट देगा , दलित किसे…
नेताजी एक मात्र ऐसे शख्सियत हुए जिन्होंने अपने जीवन के साथ-साथ अपना मृत्यु भी बलिदान…
नेता जी को अपार जनसमर्थन आज एक बार फिर भारत के जनमानस में देखने को मिल रही है। जैसे लग रहा है नेताजी की कभी मरे नहीं तो आज भी जीवित ही हैं। उनकी 125 वी जन्म जयंती पर उनको मेरा शत-शत नमन।
प्रत्युषा फाउंडेशन ने मनाया नेताजी का जन्मोत्सव
पॉजिटिव इंडिया ;रायपुर: 23 जनवरी 2022
भारत मे 75 वर्ष आजादी के तहत आजादी का अमृत महोत्सव मनाने में रायपुर की संस्था प्रत्युषा फाउंडेशन द्वारा शहर में लगी महापुरुषों की मूर्तियां की साफ…