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Politics
2022 के पद्म पुरस्कार विजेताओं ने नई पहल के तहत राष्ट्रीय युद्ध स्मारक नई दिल्ली का…
Positive India:New Delhi:
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा की गई एक नई पहल के तहत वर्ष 2022 के पद्म पुरस्कार विजेताओं को पहली बार 22 मार्च, 2022 को राष्ट्रीय युद्ध…
इजरायल के प्रधानमंत्री दो अप्रैल से भारत की यात्रा पर
पॉजिटिवइंडिया :दिल्ली(यरुशलम)
इजराइल के प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने भारत-इजरायल संबंधों को परस्पर सराहना और सार्थक सहयोग पर आधारित बताते हुए कहा कि वह दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों…
उत्तराखंड में सरकार गठन को लेकर भाजपा नेताओं ने किया मंथन
पॉजिटिव इंडिया :उत्तराखंड;
उत्तराखंड में सरकार गठन को लेकर जारी कवायद के बीच रविवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण…
Income Tax Department conducts searches on a Pune & Thane based unicorn start-up…
During the search operation, a complex hawala network of some Mumbai and Thane based shell companies, was also unearthed. These shell companies exist on paper, and were created only for the…
1,761 New Cases of COVID-19 Reported In The Last 24 Hours
India’s Cumulative COVID-19 Vaccination Coverage exceeds 181.21 Cr.
समझिये भाजपा के एजेंडे में क्यों था अनुच्छेद 370 हटाना ?
अनुच्छेद 370 पर सोचना भी दुष्कर था। लेकिन राज्यसभा में कंफर्टेबल बहुमत ना होते हुए भी भाजपा ने अनुच्छेद 370 की दोनों धाराएं हटा दी। देश अचंभा हो गया।
10 मार्च के बाद अपनी तुलना चवन्नी से भी करने लायक़ नहीं रह जाएंगे जयंत चौधरी !
27 जनवरी , 2022 को दयानंद पांडेय ने यह लेख लिखा था। अब देखिए कि जयंत चौधरी की दुर्गति चवन्नी से भी कैसे गई गुज़री हो गई है ?
एम्स में काम कर रहा कश्मीरी डॉक्टर क्यों नहीं चाहता था कि कश्मीर आतंकवाद से मुक्त हो?
एम्स में डॉक्टर है। देश की राजधानी में इंटर्नशिप कर रहा है। देश की माटी का खाया, पिया, पढ़ा और सुरक्षा का लाभ लिया है और विचार कश्मीर को भारत से काटने का है?
लोकतंत्र के आख़िरी चुनाव से नैतिक जीत के इल्हाम तक
सेक्यूलरिज्म के नाम पर , मुस्लिम के नाम पर दाग़ है डाक्टर कफील। बच्चों का हत्यारा है वह। पिता की विरासत सपा को नेस्तनाबूद करने का अगर प्रण ही ले बैठे हों तो और बात है।
कश्मीर मे पिता की अस्थियां विसर्जित करने के लिए भी इस्लामिक चरमपंथियों से इजाजत क्यों…
उस कश्मीर मे जहां पिता की अस्थियां विसर्जित करने के लिए भी इजाजत लेनी पड़ती थी..वहां की सच्चाई सामने लाने पर भारत विरोधी एजेंडा गिरोह के लोग कह रहे हैं कि इस फिल्म की जरुरत ही क्या है ??