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Politics
जब राजीव गांधी ने अमेठी में बंपर बूथ कैप्चरिंग करवाई और पत्रकारों को पिटवाया
दिसंबर , 1984 के लोकसभा चुनाव में अमेठी की बूथ कैप्चरिंग तब और महत्वपूर्ण हो जाती है कि जब पूरे देश में इंदिरा गांधी की हत्या के नाते , इंदिरा लहर थी । प्रचंड लहर थी । तब किस बात का डर था…
यही समय है, सही समय है… एनकाउंटर का…!!!
इसी कन्हैया कुमार की ही NSUI के गुंडों लफंगों आतंकियों ने कल दिल्ली स्थित भारत मंडपम में अपनी आपराधिक आतंकी करतूतों से वहां उपस्थित लगभग 35 हजार लोगों, जिसमें कई हजार विदेशी थे, को अपने आतंक…
यूजीसी के कारण मोदी जी वीपी सिंह की गति को और भाजपा जनता दल की गति को प्राप्त हो…
मोदी जी ने ओबीसी वोटों के लालच में ओबीसी और दलितों को यूजीसी में एक प्लेटफार्म पर लाकर खड़ा कर दिया । भेड़ और भेड़िया दोनों शोषित वर्ग हो गये । दबंगई में सबसे कमजोर कायस्थ और ब्राह्मण शोषक…
साइकिलवाले गैंग में आज नसीमुद्दीन की एंट्री बड़ा गुल खिलाएगी
खेल में अभी कई इंट्रेस्टिंग मोड़ आने शेष हैं....
असल समाजवाद अब नसीमुद्दीन लईहै...
जातिवाद के नाम पर एकतरफा नंगे नाच की सच्चाई
Positive India:Satish Chandra Mishra:
जब नाश मनुज पर छाता है, पहले विवेक मर जाता है...
जातिवाद के नाम पर जो एकतरफा नंगनाच हो रहा है, सवर्णों/ब्राह्मणों के स्वघोषित तथाकथित ठेकेदारों की…
रुचि तिवारी मामले की जड़ में जातिवादी तुष्टिकरण और ब्राह्मण घृणा के नारों का…
यह विषाक्त वातावरण नरेन्द्र मोदी और भाजपा की ही देन है। नाम उसी का लिया जाएगा जो ई-रिक्शा से वंदे भारत तक हर उपलब्धि का क्रेडिट लेता है। यह क्रेडिट भी मोदी जी का ही है।
अभी लेकिन इन पंडिताई करने वालों को गरियाने का मौसम है
एक पंडित ही है जिसे हर कोई गरियाता मिलता है। पंडितों को अपमानित करने का नैरेटिव बना लिया गया है।
मैं अभागा ‘सवर्ण’ हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा
मैं अभागा 'सवर्ण' हूँ मेरा, रौंया-रौंया उखाड़ लो राजा ..।
काश उसके जैसा अभागा हर सवर्ण हो जाये
जातीय इतिहास तो ऐसे भी लिखा जा सकता है
एक सवर्ण बनिये गाँधी ने एक कुर्मी सरदार पटेल को ब्राह्मण जवाहर लाल के पक्ष में प्रधानमंत्री न बनने पर राज़ी कर लिया ।
सत्ता की हुसियारी के नशे में चूर मोदी की भुजिया बनाने को तैयार खड़े हैं उन के वोटर
कोई माने या न माने, पर यू जी सी एक्ट को ले कर भाजपा की मोदी सरकार ने अपनी कब्र खोद ली है।