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भारत ने आईएनएस सूरत और आईएनएस उदयगिरी को कमीशन कर दुनिया को दिखाई अपनी ताकत
आईएनएस उदयगिरि पी17ए क्लास का दूसरा स्टील्थ फ्रिगेट है। दोनों युद्धपोतों को नौसेना डिजाइन निदेशालय (डीएनडी) द्वारा अपने यहां डिजाइन किया गया है और एमडीएल, मुंबई में बनाया गया है।
गुजरात में आसमान से गिरे धातु के गोले चीनी रॉकेट का मलबा हो सकते हैं
पॉजिटिव इंडिया:अहमदाबाद,
पिछले दिनों गुजरात के कुछ गांवों में धातु के चार गोले आसमान से गिरे हैं जिनके बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहनों के ईंधन भंडारण टैंक या…
उनको डर क्यों लग रहा है ?
व्यभिचारी, अत्याचारी, डकैत अकबर को इतिहास की किताबों में ग्रेट मुगल लिखा गया। 800 साल तक पढ़ाई लिखाई का एक भी केंद्र नहीं बनाने वाले, प्राचीन शिक्षा केंद्रों को जलाने वाले उन अनपढ़ ,गंवार…
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जमैका पहुंचे.
पॉजिटिव इंडिया:किंग्सटन,
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दो देशों की यात्रा के पहले चरण में रविवार को जमैका पहुंचे। कैरेबियाई देश में किसी भी भारतीय राष्ट्रपति की यह पहली यात्रा है। कोविंद इस…
मोदी की नेपाल के प्रधानमंत्री के साथ द्विपक्षीय वार्ता
पॉजिटिव इंडिया:लुम्बिनी (नेपाल), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बुद्ध की जन्मस्थली लुम्बिनी में नेपाल के प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ सोमवार को बहुआयामी द्विपक्षीय साझेदारी में…
भारत ने सेशेल्स में क्यों तैनात किया आईएनएस घड़ियाल ?
आईएनएस घड़ियाल द्वारा गोला-बारूद के साथ तीन औपचारिक सलामी बंदूकें सेशेल्स रक्षा बलों (एसडीएफ) को प्रदान की गईं।
भारतीय नेवी ने पाकिस्तानी गाजी पनडुब्बी को कैसे जल समाधि दी ?
पाकिस्तान आज तक यह समझ ही नहीं पाया कि गाजी जैसी शक्तिशाली पनडुब्बी को भारत ने इतनी आसानी से कैसे तबाह कर डाला था ।
वैज्ञानिकों ने हिमालय स्थित लद्दाख से लगभग 3.5 करोड़ वर्ष पुराने दुर्लभ सांप के…
लद्दाख में पहली बार शीरे के निक्षेपों से एक मैडसोइइडे सांप के जीवाश्म की खोज के बारे में बताया है, जो उपमहाद्वीप में पूर्व के अनुमानों की तुलना में कहीं अधिक समय पहले उनके प्रचलन का संकेत…
भारत को ग्लोबल मेडिकल वैल्यू हब बनाने के लिए शुरू हुआ हील इन इंडिया और हील बाय इंडिया
भारत में इलाज की लागत अमेरिका में इलाज की लागत से 65 से 90% कम है। भारत में 39 जेसीआई और 657 एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल हैं, जो वैश्विक गुणवत्ता मानकों और बेंचमार्क के बराबर या उससे…
वह घुंघराले बाल और संतूर की मिठास ! आह !
पंडित शिव कुमार शर्मा का संगीत तो अमर है , सर्वदा रहेगा। मेरे मन में भी। मेरे लिखने में भी पंडित शिव कुमार शर्मा का संतूर बजता ही रहेगा। बस वही नहीं रहेंगे।