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Entertainment
कबीरा मन चंचल भया
ब्रेकअप शब्द का शुभागमन हो चुका है जिसका खूब आनंद लिया जा रहा है और तो और ब्रेकअप के बाद पुनः जुड़ने का विकल्प भी मौजूद है।
मनोज मुंतशिर को यदि हम वामपंथी ही मान लें तो उन्हें क्या फर्क पड़ता है?
मनोज मुंतशिर सोनी टेलीविजन के महीन नैरिटिव वाले मंचों पर मुगलों की बखिया उधेड़ से नजर आए। अब बॉलीवुड मनोज मुंतशिर के इस छवि को बेचना चाहता है। अथवा शिकार करना चाहता है?
फ़िल्म ‘आदिपुरुष’ रिलीज होने से पहले ही पिट चुकी है
फ़िल्म 'आदिपुरुष' रिलीज होने से पहले ही पिट चुकी है। यह लिख कर रख लीजिए। क्यों कि सोशल मीडिया , इन दलाल चैनलों की अपेक्षा बहुत ज़्यादा पावरफुल है। जनता जानती है कि ग़लत क्या है और सही क्या है।…
आदिपुरुष में भगवान राम के पांव में चमड़े का चप्पल ! माता सीता, हनुमान तथा रावण के…
आदिपुरुष बनाते हुए फिल्मकार के पास इतनी भी मेधा नहीं है कि वह तय कर सके, भगवान राम के पांव में चमड़े का चप्पल और कलेजे पर तरकश वाली चमड़े की बेल्ट बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। माता सीता के…
Asha Parekh To Be Honoured With Dadasaheb Phalke Award, 2020
Ms Asha Parekh is a renowned film actress, director and producer and an accomplished Indian classical dancer. Starting her career as a child actor she made her debut as lead heroine in Dil…
भारत सरकार ने 75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित करनी शुरू…
Positive India:New Delhi:
सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने आज से ‘75 क्रिएटिव माइंड्स ऑफ टुमॉरो’ के लिए प्रविष्टियां आमंत्रित करनी शुरू कर दी हैं। यह खंड या सेगमेंट गोवा में आयोजित होने वाले…
जहां शिव सरस्वती ऋषि कश्यप हुए वह कश्मीर हमारा है
लोगों ने झूठ के आकर्षण को बहुत झेला। आकर्षण की एक सीमा रेखा होती है। सीमा रेखा पार करने के बाद ग्रेविटी खत्म हो जाती है। सत्य का तब आरंभ होता है।
आजादी का अमृत महोत्सव विश्व कीर्तिमान धारी दिव्यांग सैनिक के विशेष आतिथ्य में
पॉजिटिव इंडिया:रायपुर ;
आजादी के अमृत महोत्सव तथा हर घर तिरंगा अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर दिव्यांग सैनिकों के सम्मान में एक शाम दिव्यांग सैनिकों के नाम कार्यक्रम का…
लाल सिंह चड्ढा की चड्डी क्यों उतर गई ?
लाल सिंह चड्ढा फिल्म भारत के अंतःकरण में एक ग्लानि पैदा करने की कोशिश करता है कि अगर देश लाल सिंह चड्ढा बन जाए तो अजमल कसाब भी भारत के लिए एक बड़ा कारपोरेट खड़ा कर सकता है।
Why June 21st Is Considered A Special Day To Celebrate Music ?
What a feast of music!