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Editorial
दरकते पहाड़ , सिसकती जिंदगी
जोशीमठ तो धसेगा ही, उसके साथ ही नर एवं नारायण पर्वत भी आपस में टकरा कर ध्वस्त हो जाएंगे जिस से बद्रीनाथ धाम का मार्ग हमेशा के लिए अवरुद्ध हो जाएगा।
आखिर आप मैरिटल रेप को मेजर कैसे करेंगे…!!!!!
स्त्री-पुरुष , दोनो के लिए सेक्स बिल्कुल अलग मामला है । पुरूष के लिए ये स्पष्ट और स्वतंत्र है । स्त्री के लिए ये इंटरकनेक्टेड है । उसको आस- पास सबकुछ अच्छा और रूमानी होगा , उसके बाद भी…
छत्तीसगढ़ ने मुख्यमंत्री के रूप में देखे तीन चेहरे
भूपेश बघेल ने कांग्रेस की केंद्रीय राजनीति में अपनी अच्छी पकड़ बना रखी है पर राज्य के मामले में शतप्रतिशत ऐसा नहीं कहा जा सकता। यद्यपि संगठन में असंतोष का ज्वालामुखी कभी नहीं फूटा पर वह भीतर…
नरेन्द्र मोदी नाम का यह व्यक्ति आखिर है कौन?
अटलजी ने कहा था,हार नही मानूंगा,रार नही ठानूंगा,काल के कपाल पर.....याद है...उसी कसौटी पर स्वयं को कसने वाला खरा सोना है ये सपूत!!
रे पोपट! तू झूठा तेरी कैम्ब्रिज झूठी!!
जिस ऋषि पोपट द्वारा ढाई हजार साल से उलझी संस्कृत व्याकरण की गुत्थी सुलझाने का दावा किया जा रहा है वह बिल्कुल फर्जी कहानी है, ऐसी कोई गुत्थी थी ही नहीं, यह न्यूज एक शरारत है जिसके माध्यम से…
प्रेमचंद हमेशा ग़लत खलनायक चुनते हैं , वह भी विप्र
प्रेमचंद हमेशा ग़लत खलनायक चुनते हैं । कहानी सवा सेर गेहूँ में उनका खलनायक एक विप्र जी हैं जिससे किसान एक साधु के भोजन के लिए गेहूँ उधार लेता है और विप्र उस किसान को बंधुआ मज़दूर बना लेता है…
कोरोना BF.7 वैरियंट को लेकर मोदी को विपक्ष के कुतर्कों की चिंता क्यो नही है?
Positive India:Ajit Singh:
कोरोना BF.7 वैरियंट को लेकर दो दिन से मीडिया मे जहां ब्रेकिंग न्यूज दिखा कर पैनिक फैलाने ही होड़ मची है,वहीं गुलाबो चिच्चा के गिरोह मे भी पप्पू की यात्रा को लेकर…
अपनी ही अदालत में मुकदमा हारते खड़े अटल !
असल में अटल जी वह शीशा हैं जिसे आप अगर पत्थर से भी तोड़ने चलें तो पत्थर टूट जाएगा, वह शीशा नहीं। ऐसा मेरा मानना है। याद कीजिए गोवा का सम्मेलन। जिस में पार्टी की राय को दरकिनार कर अटल जी ने…
अपनी देह से कुछ स्त्रियां इतनी खफ़ा-खफ़ा क्यों रहती हैं?
मनुष्य होना भाग्य है तो स्त्री होना सौभाग्य ! तो यह देह से आज़ाद होने की बात मुझे बेमानी लगती है। अगर यह देह न हो स्त्रियों के पास तो उन्हें अपनी विपन्नता का अंदाज़ा लग सकता है।
किसानों ने भविष्य तो बचाया पर खाली हाथ है उनका वर्तमान
दिन रात कुर्सी हासिल करने और उसे बचाने के खेल में लगी सरकारें धीरे-धीरे यह भूलते जा रही है कि देश का सबसे महत्वपूर्ण वर्ग रहा है ये किसान,जिसके पसीने के दम पर यह देश पूरी दुनिया में सोने की…