www.positiveindia.net.in
Browsing Category

Editorial

कुल हासिल यह कि मोदी ,अडानी तो डूबे और राहुल की ताजपोशी !

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बहाने अडानी पर धावा बोलते हुए सारे विघ्नसंतोषी भारत को श्रीलंका और पाकिस्तान की तरह बदहाल और तबाह बना देने के ताबड़तोड़ ऐलान में मगन हो कर नाच रहे हैं। अडानी के कंधे को…

ज्योतिष पीठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने धीरेन्द्र शास्त्री जी का उपहास क्यो…

ज्योतिष पीठ शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी ने धीरेन्द्र शास्त्री जी का उपहास करते हुए एक प्रकार से चुनौती पेश की है। चुनौती ठीक वैसे जैसे श्याम मानव ने की हो। जगतगुरु सम्मान से प्रतिष्ठित…

क्या आप जानते हैं अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य स्वरूपानंद का वही चेला है जिसने राम…

बागेश्वर धाम के हनुमान भक्त बाबा धीरेन्द्र शास्त्री जी के विरुद्ध वो ज़हर क्यों और किस के इशारे पर उगल रहा है? अविमुक्तेश्वरानंद था जो अब मर चुके स्वरूपानंद का सबसे खास और विश्वसनीय चेला रहा…

BBC की वायरल की जा रही डाक्यूमेन्टरी तथा बागेश्वर धाम को लेकर मचाया जा रहा सियापा…

#अंधश्रद्धा_निर्मूलन समिति चलाने वाला #श्याम_मानव किसका #प्यादा है? वो समझने के लिए पोस्ट की तस्वीर ही पर्याप्त है....यह व्यक्ति दुष्प्रचार मे माहिर है और इसको हैंडल करने वाले मदारियों का…

धीरेंद्र शास्त्री के हिंदू राष्ट्र का मतलब लोग मुस्लिम विहीन राष्ट्र क्यो समझते हैं?

हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हो खुले मंच से, लेकिन अपने एक मुस्लिम मित्र का नाम लेते नहीं लजाते। इस देश का कमोबेश 50 करोड़ हिंदू तुम्हें सुन रहा होगा और अपने एक मुस्लिम मित्र का ₹20000 का…

बिलार की तरह बाघ से लड़ने वाले चुनावी नेता

Positive India:Dayanand Pandey: एक पुराना चुनावी वाकया याद आ गया है। 1985 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव हो रहे थे। तब मैं जनसत्ता, दिल्ली छोड़ कर नया-नया स्वतंत्र भारत, लखनऊ आया था।…

आस्था बनाम प्रमाण

हनुमान चालीसा का पाठ शास्त्रीजी जैसे मासूम भक्त भी करते हैं और सुधीर चौधरी जैसे समझदार बौद्धिक व्यक्ति भी। सुधीर चौधरी से इंटरव्यू में शास्त्री जी कहते हैं हनुमान चालीसा जब लोग पढ़ते हैं,…

रावण की स्त्रियों के बारे क्या सोच थी वह रावण की ही थी तुलसी की नहीं

नारियाँ स्वतंत्र होकर बिगड़ जाती हैं । यद्यपि यह बात तुलसीदास ने चार सौ वर्ष पहले कही थी जब युग ही दूसरा था लेकिन आज भी जिस तरह स्त्रियाँ कभी सूटकेस में कभी तंदूर में कभी प्लास्टिक बैग में…

क्या है आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का सच ?

धीरेंद्र शास्त्री जी को लेकर दिव्य दरबार के प्रदर्शन के बारे में मनोविज्ञान की बात करना निश्चित तौर पर बेवकूफाना है। चमत्कारिक शक्तियां है अथवा नहीं ऐसा निश्चित निर्णय से कहा जाए, एक साधारण…

तुलसीदास ने साबित कर दिया कि कलम की ताक़त तलवार सें कहीं अधिक होती है

उस युग में जब प्रचार प्रसार के साधन नहीं थे तब तुलसी की मानस घर घर पहुँच गई । इसकी चौपाइयाँ दोहे छंद मंत्र बन कर दैनिक पूजा का अंग हो गए। तलवार की धार तले रौंदा जाता सनातन धर्म फिर सीना तान…