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Editorial
खगोलविदों ने एक ऐसा आश्चर्यजनक सौर विस्फोट देखा है जो निरंतर स्थिर तापमान बनाए रखता…
Positive India:New Delhi:
20 जुलाई, 2017 को हुए एक सौर विस्फोट के केंद्र (कोर) की ऊर्जा अवस्था के निरंतर विकास पर दृष्टि बनाए रखने वाले वैज्ञानिकों ने पाया है कि यह विचित्र ढंग से निरंतर एक…
सुबुही ख़ान ने शोएब जमाई को पीट कर चैनल से बाहर क्यो निकाल दिया ?
अच्छे दिनों में बहुत सारे लोगों के भरम टूट रहे हैं।क्या यह अच्छी बात है?
हमेशा अटैक मुद्रा में रहने वाला समुदाय आज डिफेंस के लिए क्यो मजबूर है ?
Positive India:Vishal Jha:
शोएब जमाई इतना गिड़गिड़ा रहा है, केवल एफआईआर से! हाँ ठीक है कि एफआईआर एक दो नहीं कई सारे, देश भर में दर्ज हुए। ऐसा कोई पहला सीन है कि हमेशा अटैक मुद्रा में रहने…
सनातन देवियों में माता सीता सर्वाधिक लोकप्रिय क्यो हैं ?
माता सीता से अधिक मर्यादित पुत्री की कल्पना कर सकते हैं आप? क्या उनसे अधिक समर्पित बहु की कल्पना कर सकते हैं आप? नहीं! अपने परिवार की प्रतिष्ठा के लिए जीवन भर संघर्षों से जूझती रहीं माता…
जब तक सरकार नहीं चाहती है तब तक सरकारी उपक्रम घाटे में नहीं जा सकते ।
ख़ुशी की बात है कि सरकार ने बीएसएनएल को ९० हज़ार करोड़ का पैकेज दिया है । वजह यह भी है कि सरकार की महत्वाकांक्षी ग्रामीण योजनाएँ प्राइवेट सेक्टर कभी पूरी नहीं कर सकता । बीएसएनएल का अंडमान…
अगले दस महीने में भाजपा क्या करे ?
बदलते राजनैतिक परिदृश्य को स्वीकार कर, संस्थागत कमियों पर चिंतन कीजिए, केवल मोदी फैक्टर अब चुनाव में जीत सुनिश्चित नहीं करेगा (मोदी की बात आगे ले जाना अत्यावश्यक)
बालासोर मे हुई रेल दुर्घटना मे राजनैतिक गिद्ध शवों मे भी कुर्सी का रास्ता कैसे खोज…
शवों पर राजनीति करने वाले गिद्धों को दर्द,पीड़ा,आंसू और वेदना से कोई मतलब नही है....उनका भोज तो अभी से शुरू हो गया है..!
पैसा , औरत और अदालतों के फ़ैसले
हाईकोर्ट और हाईकोर्ट के जजों ने ऐसे-ऐसे कारनामे किए हैं कि अगर इन की न्यायिक तानाशाही न हो , सही जांच हो जाए तो अस्सी प्रतिशत जस्टिस लोग जेल में होंगे। सोचिए कि अपने को जब-तब कम्युनिस्ट…
लड़की के साथ हिंसा :आज किसी लड़की को घर में बांधकर रखना इतना सरल है क्या?
बच्चे जब किशोर होंगे, युवा होंगे तो वो प्रेम संबंधों में जाएंगे, यह अपरिहार्य है। अधिक से अधिक आप इतना ही कर सकते हैं कि उनकी निजता को भंग किए बिना उनसे संवाद करें और उनसे सावधान रहने का…
फिल्म ’72 हूरें’ की आशातीत तेज चर्चा क्यो हो रही है?
बॉलीवुड ने जिस प्रकार स्पॉन्सरशिप के ताकत पर जिहादी खेल का एक मायाजाल तैयार किया था, अब हासिये की प्रोड्यूसर और डायरेक्टर के फिल्मों का भी मुकाबला नहीं कर पा रहा। यही स्वत: स्फूर्त ताकत की…