Browsing Category
Editorial
पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार से नरेंद्र मोदी की जिताऊ छवि फिर हुई चकनाचूर
ममता बनर्जी ने ह्वील चेयर पर ही बैठ कर नरेंद्र मोदी की जीत का धनुष तोड़ दिया। वाण चलाते भी तो भला कैसे ? ममता को मिली सहानुभूति के आगे सारी रणनीति , साइलेंट वोटर स्वाहा हो गए। चंडी पाठ के आगे…
ममता बैनर्जी ने पश्चिम बंगाल में खेला कर दिया
मोदी जी ने भी वही गलती की जो कभी उनके खिलाफ सोनिया गांधी जी ने की थी । जितने बार दीदी को संबोधित किया उतने ही कमजोर होते चले गये ।
खुद को राजनीतिक रूप से मिटा देने की कीमत देकर भी नरेन्द्र मोदी को हराना है
प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विपक्ष विशेषकर कांग्रेस राजनीतिक लड़ाई लड़ ही नहीं रही है। खुद को राजनीतिक रूप से मिटा कर भी वो नरेन्द्र मोदी को हराना चाहती है। ऐसा क्यों है.?
इसका कारण है…
कोरोना की ओट मे छिपे गिद्ध भारत मे अफरा तफरी मचाना चाह रहें हैं
जिनके नथुनो मे माओ,चेग्वेरा और लेनिन के अंडरवियर की गंध बसी है.....वही इस बॉयोलॉजिकल वॉर को डिफेंड करने के लिये जनता का ध्यान भटकाने के लिये बार बार ऑक्सीजन,वैक्सीन और रेडमीसीवर को लेकर छाती…
पांच करोड़ रुपए दिलाने की बिना पर रोहित सरदाना की मृत्यु के जले पर पूरे दिल से नमक…
रवीश कुमार द्वारा रोहित सरदाना पर लिखे श्रद्धांजलि लेख में यही एक कोढ़ नहीं है। कोढ़ और नफरत का एक प्राचीर सिलसिलेवार है।
प्रधानमंत्री मोदी और उनकी सरकार को उखाड़ फेंकने की रची जा रही है गहरी साजिश
सोनिया गांधी के सर्वाधिक करीबी एवं विश्वसनीय पी. चिदम्बरम ने दो दिन पूर्व खुलेआम यह आह्वान कर दिया कि देश के लोग सड़कों पर उतर कर विद्रोह कर दें। आम आदमी की भाषा में चिदम्बरम के इस आह्वान का…
कुछ लोग रोहित सरदाना की मृत्यु पर घृणा के संगीत पर हर्ष के गीत क्यो गा रहे?
असहिष्णुता के खिलाफ लड़ाई का ड्रामा करने वाले लोग आज एक पत्रकार , एंकर रोहित सरदाना की मृत्यु पर घृणा के संगीत पर हर्ष के गीत गा रहे हैं। नफ़रत की नागफनी हाथ में लिए खड़े हैं। गोया नागफनी…
बीच सफर में क्यूँ गया, एक नेक इंसान?
एक शिकायत आपसे, है मेरे भगवान,
बीच सफर में क्यूँ गया, एक नेक इंसान।
क्या वाकई कोरोना ईश्वरीय अवतार है?
आज कोरोना वायरस उन जानवरों के लिए, ईश्वर के अवतार से कम नहीं है ।
एक कोरोना ने तुम्हें तुम्हारी (स्थिति) औकात बता दी । घर में घुस के मारा है तुम्हें । और मार रहा है।
जब से इस वायरस ने…
अगर यही मूर्खता हम करते रहे तो अभी कई और पवन अवस्थी हमसे बहुत दूर चले जाएंगे
आज पवन अवस्थी भी अगर जीवित होते तो उस अपराधी परिवार के बजाय उस कर्तव्यपरायण डीएम के ही समर्थन में पोस्ट लिखते।
त्रिपुरा की घटना को लेकर जैसी प्रचण्ड मूर्खता की सुनामी सोशल मीडिया पर कुछ…