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Editorial
पियो रे बेटा हो तुम्हर कका अभी जिंदा हे
भले तुमन ला बेड नई मिलही,
पर दारु तुम्हर घर में,
पहुंच जाही,
सूजी झन मिले,टीका झन मिले,
पर पौव्वा जरुर मिलही,
तुम्हर कका बाप अभी
जिंदा हे।
भूपेश सरकार के ऑनलाइन शराब बिक्री के निर्णय पर राही ने ली चुटकी
खास घोषणा आज हुई यह,
पीना बहुत जरूरी है।
बंदी के इस मौसम में अब,
घर-घर होगी मधुशाला।
कोरोना से जंग में राहुल उद्धव और केजरीवाल मे से सबसे नकारा निकम्मा कौन?
मृत्यु दर महाराष्ट्र - 60.22 व्यक्ति प्रति लाख।
मृत्यु दर दिल्ली - 63.57 व्यक्ति प्रति लाख।
मृत्यु दर उत्तर प्रदेश- 6.32 व्यक्ति प्रति लाख है।
अंबेडकर को संविधान निर्माता कहना , संविधान के साथ छल और कपट है
अंबेडकर को संविधान निर्माता कहना , संविधान के साथ छल और कपट है। पाखंड है। चार सौ बीसी है। इस मामले में भी मैं अंबेडकर का परम निंदक हूं। लेकिन दलित वोट की गोलबंदी के लिए कांग्रेस ने यह छल…
बंगाल में राजनीतिक हिंसा नहीं अपितु हिंदुओं के विरुद्ध खुलेआम जेहाद चल रहा है
जीतने वाली सत्तारूढ़ पार्टी अपने विपक्षियों पर हिंसक हमले कर कत्लेआम कर रही है...यह नये किस्म का जिहाद है,जिसमें चुनाव में भी प्रतिद्वंदी के सर उठाने पर सर काट दिया जाता है..यह हिंदूवादी सोच…
डर गया हूं , लखनऊ के इस नि:शब्द विलाप से
लखनऊ ने खुद को सब तरफ से बंद कर लिया है। लखनऊ का यह विलाप देखा नहीं जाता। दम घुटता है। शामे-अवध गोमती के सड़े हुए जल और ध्वस्त हो चुके सिस्टम में जैसे दफ़न हो गया है।
जिन्ना का डिवाइड इंडिया-डिस्ट्राय इंडिया का खेल अभी भी बदस्तूर जारी है , बस डायरेक्ट…
"डिवाइड इंडिया - डिस्ट्राय इंडिया" का हामीदार जिन्ना तैमूर , अलाऊदीन खिलजी , औरंगजेब आदि का मिला-जुला कॉकटेल था। याद कीजिए जिन्ना का डायरेक्ट एक्शन प्लान। इतिहास का सब से बड़ा नरसंहार का दिन…
बंगाल में ममता बनर्जी के लहू तंत्र पर एक व्यथित ग़ज़ल
लो शपथ लेने लगी है मंथरा,
कह रही उसका अनोखा त्याग है।
पश्चिम बंगाल को अब सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं
ममता बनर्जी के कुशासन ने सेक्यूलरिज्म का पहाड़ा पढ़-पढ़ कर इस सांप्रदायिकता की भट्ठी को और गरम कर दिया है। इतना कि अब इसे सिर्फ़ और सिर्फ़ सेना और सेना के बूट ही संभाल सकते हैं।
जीत के बाद बंगाल को हिंसा में झोंकती ममता बनर्जी
बस्तियाँ जलने लगीं हैं शाम से,
रहनुमा को फिक्र है आराम की।