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Editorial
भारत में मुसलमानों के पक्ष में बैटिंग करने के लिए कोई न कोई हिन्दू ही उनके लिए घोड़ी…
यह भारत का दुर्भाग्य है कि मुसलमानों के पक्ष में बैटिंग करने के लिए मुसलमानों को आने की जरूरत ही नहीं पड़ती,
एक तरफ अतुल सुभाष की क्रूर पत्नी तो दूसरी तरफ़ कैंसर से जूझते विवेक पंगेनी की पत्नी…
विवेक का स्वास्थ्य गिरता गया, पर पत्नी का समर्पण बढ़ता गया। अमेरिका से पीएचडी कर चुकी लड़की पिछले कुछ वर्षों से सबकुछ छोड़ कर पति की सेवा ही करती रही है।
संसद में आम्बेडकर को लेकर चल रही फ़र्ज़ी खींचतान बहुत मनोरंजक है।
बँटेंगे तो कटेंगे का नारा वास्तव में सवर्ण हिन्दुओं के लिए उतना नहीं है, जितना कि वह बहुजनों के लिए है कि हमारे साथ रहो तो सुरक्षित रहोगे। जबकि कांग्रेस चाहती है कि धर्म ने जिनको जोड़ा है,…
शत्रुघ्न सिन्हा और सोनाक्षी मुकेश खन्ना पर भड़के हुए हैं
सोना बेगम कह रही हैं कि यह उनके बाप के दिए हुए संस्कार ही हैं कि वे खन्ना साहब को गाली नहीं दे रहीं, वरना उन्हें वह भी आता है। वाह! क्या बात है।
गगन गिल को साहित्य अकादमी मिलने पर सदमे में आए कुछ लोग
नरेंद्र मोदी और साहित्य अकादमी को ले कर प्रतिरोध के परखच्चे उड़ गए हैं। बिखर कर मिट्टी में मिल गए हैं। विरोध की सारी नौटंकी स्वाहा हो गई है।
ग़ज़वा और मुनाफ़िक़ के बारे में आपको जानना चाहिए
ग़ज़वा उन छोटी बड़ी जंगों को कहते हैं जिनमें पैग़ंबर ने ख़ुद हिस्सा लिया । मुनाफ़िक शब्द़ उन मुसलमानों के लिये इस्तेमाल होता है जो भय या प्रलोभन के कारण मुसलमान तो हो गये लेकिन दिल से अभी भी…
अंबेडकर अब अफ़ीम हैं
नेहरू तो अंबेडकर को न संविधान सभा में रखना चाहते थे , न अपने मंत्रिमंडल में ।
लगता है कश्मीर में फ़ारुख़ अब्दुल्ला ने संभल से प्रेरणा ली थी
संभल फाइल्स :कश्मीर फाइल्स जैसी शानदार फ़िल्म बनाने वाले विनोद अग्निहोत्री क्या संभल फाइल्स बनाने पर भी विचार कर सकते हैं ?
सम्भल में जो दिख रहा है वह किसी छोटे पराजय से हुए नुकसान की भरपाई है।
पलायन वाली घटना की फाइल बाबा फिर खोल रहे हैं। कुंए की खुदाई चल रही है। आगे देखते हैं कि समय क्या खेल दिखाता है।
यह राज कपूर का जन्मशती-वर्ष है।
राज कपूर एक ड्रामा क्रिएट करना जानते थे, उनकी फिल्मों में सोशल कमेंट्री होती थी।