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Editorial
लालू के जंगल राज से डरने वाली लड़की अब यूक्रेन में वार रिपोर्टिंग कर रही
श्वेता की ताज़ी ज़िम्मेदारी यूक्रेन की वार रिपोर्टिंग है। यूक्रेन में , उन की निडरता और स्वाभाविकता ने फिर मन मोह लिया है। श्वेता की रिपोर्टिंग बताती है कि वह यूक्रेन-रुस ही के बारे में ही…
कुतर्की और नफरत के शिलालेख लिखने वाले जहरीले लोगों के विमर्श में फंसने से क्यों बचना…
स्त्री पुरुष दोनों को बराबरी में बिठाते मिलते हैं तुलसीदास रामचरित मानस में। आप को पूछना ही चाहिए , पूछते ही हैं लोग फिर ढोल, गंवार, शुद्र, पशु , नारी । सकल ताड़ना के अधिकारी॥ लिखने की ज़रूरत…
यूक्रेन पर आक्रमण करके रशिया को क्या मिल रहा है?
युद्ध अगर ठीक नहीं तो यूक्रेन को नाटो जैसे सैनिक गिरोह में घुसने की इतनी कौतुहल क्यों? यूक्रेन को किससे डर? रशिया से डर तो नहीं ही थी ना? फिर नाटो में उसके शामिल होने का कारण क्या है? रशिया…
जब डिम्पल यादव को भी नहीं छोड़ा सपाइयों ने
पहले यह सपाई पुलिस को सिर्फ़ जुबानी धमकी देते थे। कहते थे सरकार आने दो , देख लेंगे। अब पुलिस वालों को पीटने भी लगे हैं। और तो और हत्यारे मुख़्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी ने तो कल मऊ की एक…
तो योगी सरकार तो गई !
तो योगी सरकार तो गई ! ऐसी ख़बरों के साथ उत्तर प्रदेश में पेड न्यूज़ अभी भी उछाल मार रहा है। इसी वसंत बहार में झूम-झूम कर सोशल मीडिया का सेक्यूलर चैंपियन , पेड मीडिया की ख़बरों को ले कर अफवाह…
जंगल राज की फिर ग़लती से भी वापसी न हो , इस लिए ऐसा मुसलसल लिख रहा हूं
उत्तर प्रदेश की तरक़्क़ी के लिए जंगल राज को रोकना बहुत ज़रुरी है। चाहे कुछ भी करना पड़े। मनुष्यता के लिए भी जंगल राज को रोकना बहुत ज़रुरी है।
आज अगर हिम्मत के साथ कोई लड़ रहा है तो वह रसिया ही है।
यूक्रेन समेत तमाम वामपंथी लॉबी पूरी कोशिश कर रहे हैं कि रसिया में गृह युद्ध उत्पन्न कर दी जाए। रसिया के लोगों को सड़क पर निकलने के लिए मानवता की दुहाई दे रहे हैं।
इन जालसाजों ठगों को सबूत के साथ पहचानने की क्यों जरूरत है ?
5 वर्ष पूर्व 2017 में हुए उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भी यही न्यूजचैनल इसी तरह का अभियान चला कर सरासर सफेद झूठ को प्रचारित कर के उत्तरप्रदेश की जनता को भ्रमित करने, उसे बरगलाने में…
सावरकर को कभी ऐसे भी जानिए न !
इंदिरा गांधी ने संसद में सावरकर का चित्र क्यों लगाया ? इंदिरा गांधी ने सावरकर के नाम पर डाक टिकट क्यों जारी किया। इंदिरा गांधी ने 1970 में डाक टिकट जारी करते हुए सावरकर को वीर योद्धा क्यों…
जब शराब के चक्कर में फ़िराक गोरखपुरी की गोरखपुर में ज़मानत ज़ब्त हो गई
फ़िराक बड़ी शान से कहा करते थे कि हिंदुस्तान में अंगरेजी सिर्फ़ ढाई लोग जानते हैं । एक खुद को मानते थे , दूसरे सी नीरद चौधरी और आधा जवाहरलाल नेहरु।