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Editorial

कोई धर्म नगरी,सब त्यागने जाता है,कोई धर्म नगरी,प्रभु को पाने जाता है

भागिये कभी,जेहादियों से,भाग लीजिए कभी किसी नश्वर देह के पीछे,अपना स्वर्णिम अवसर खो दीजिए,भागना ही आपकी प्रवृत्ति है,क्योंकि ये ही आपकी नियति है..

कुम्भ मेले में एक आईआईटीयन को देखकर भारत-देश की जनता विस्मय-विमुग्ध हो गई

वास्तव में, अत्यन्त मेधावी होना संन्यासी होने की पहली शर्त है। गीता का 'कर्म-संन्यास' और 'मोक्ष-संन्यास'! यह उपदेश एक सुशिक्षित अर्जुन को दिया जा रहा है। शंकराचार्य ने 'विवेकचूड़ामणि' में…

फ़िरदौसी और उसका शाहनामा

यदि शाहनामा न लिखा गया होता तो फ़ारसी भाषा अपनी ८०% शब्द संपदा और सौ प्रतिशत प्राचीन इतिहास को खो बैठतीं । रुस्तम सोहराब का कोई नाम भी न जानता होता ।

मीडिया माला बेचने वाली लड़की के पीछे तबतक पड़ी रही जबतक कि वह वापस भाग नहीं गयी

ये अनपढ़ जलील व्यूखोर जिस तरह से कुम्भ की प्रतिष्ठा का नाश कर रहे हैं, उसके कारण इन्हें रोकना आवश्यक हो गया है। अन्यथा इस बार का मेला अपनी नकारात्मकता के लिए ही याद रह जायेगा।

अति राजनीतिक चर्चा हिन्दू जागरण नहीं है

प्रत्येक धार्मिक सामाजिक सांस्कृतिक घटना को भी राजनीति से जोड़कर देखने का चलन बढ़ा है और उस पर चर्चा करके हमें लगता है हमने हिंदुत्व की सेवा कर दी।

गीता का छठा अध्याय साधकों-मुमुक्षुओं के ​लिए बड़ा मूल्यवान है

"आत्मसंस्थं मन: कृत्वा" गीता को ब्रह्मविद्या के साथ ही योगशास्त्र भी क्यों कहा गया है- क्योंकि यह ग्रंथ न केवल परब्रह्मविषयक ज्ञान का वर्णन करता है (उप​निषदों की तरह), बल्कि उसकी प्राप्ति…

इस्लामी राज में भारत में सनातन धर्म बचा कैसे रहा

ईरान में मात्र पंद्रह वर्ष में पारसी धर्म ग़ायब हो गया । ईराक़ सीरिया तुर्की मिश्र लीबिया अल्जीरिया मोरक्को के मूल धर्म तो नष्ट ही हो गए ।