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Positive India (www.positiveindia.net.in)has been started in the year 2012 at Raipur by Purshottam Mishra of Chhattisgarh-India. Positive India is offline weekly newspaper and www.positiveindia.net.in is online daily newsportal.Positive India is very active on social media platforms.
भारत सरकार, असम सरकार और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) के बीच हुआ समझौता
2014 में मोदी सरकार आने के बाद असम में हिंसक घटनाओं में 87%, मृत्यु में 90%, अपहरण में 84% की कमी आई है।
आज तक 9000 से अधिक कैडर ने सरेंडर किया है और असम के 85 प्रतिशत हिस्से से AFSPA को…
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मंत्री-परिषद के बीच विभागों का बंटवारा हुआ
Positive India:Raipur:
छत्तीसगढ़ मंत्री-परिषद के मध्य आज विभागों का बंटवारा किए जाने की अधिसूचना छत्तीसगढ़ राजपत्र में प्रकाशित कर दी गई है, जो इस प्रकार है -
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय-…
अपूर्वा त्रिपाठी ने जीता “एग्रीकल्चर लीडरशिप अवार्ड-2023”
Positive India:New Delhi:
छत्तीसगढ़ और बस्तर के लिए यह बेहद गौरव के पल थे, जब इसी 21 दिसंबर को देश की राजधानी दिल्ली के हालीडे इन के सभागार में आयोजित एक भव्य समारोह में, छत्तीसगढ़…
कैसे आते हैं श्रीराम!
Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari:
उस घने वन में एक ओर सीधे सादे भीलों की बस्तियां होतीं थीं, तो दूसरी ओर तपस्वी ऋषियों के आश्रम! प्रकृति द्वारा निर्मित व्यवस्था के अनुसार जीवन यापन…
रक्षा मंत्री ने जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया
Positive India:New Delhi:
रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह ने 27 दिसंबर, 2023 को जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों का दौरा किया और नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।…
Breaking: CCI Approves Acquisition of Control/Stake In Reliance Capital
Positive India:New Delhi:
The Competition Commission of India (CCI) has approved acquisition of the control/stake in Reliance Capital Limited by IndusInd International Holdings Limited,…
मैं आई हूँ यूपी बिहार लूटने !
यूपी बिहार को स्वार्थी जातिवादी , धर्मवादी राजनीति ने तबाह कर दिया !
जातिवादी राजनीति केवल अपनी जाति का डंडा ऊँचा रखने में खुश रहती है और कभी पूरब का मांचेस्टर कहा जाने वाला कानपुर उद्योगों…
संसार में इतने लोग भोजन करते हैं, उनके बरतन कौन मांजता है?
बड़े से बड़ा धन्नासेठ भी अपने जूतों के तस्में स्वयं बाँधता है, कमीज़ के बटन किसी दास से नहीं लगवाता। नृपेन्द्र के केश कोई और काढ़ता हो, वैसी बात नहीं है।
सनातन धर्म केवल एक मान्यता पर चलने वाले लोगों का समूह क्यों नहीं है ?
सनातन धर्म केवल एक मान्यता पर चलने वाले लोगों का समूह नहीं। यह एक विराट संस्कृति है, यहाँ एक साथ असंख्य आध्यात्मिक धाराएं बहती हैं।