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बकवास फिल्मों के दौर में अच्छी फिल्म देखना हैं तो अभिषेक की आई वांट टू टॉक देख…

अभिनय की बात करें तो अभिषेक शीर्ष पर हैं। एक अति आत्मविश्वास वाला व्यक्ति, जिसे एक दिन पता चलता है कि उसे केंसर है और उसके पास केवल सौ दिन बचे हैं। वह भी तब, जब उसके पास परिवार के नाम पर…

देश को धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री जैसे सैकड़ों धर्मनिष्ठ नायकों की आवश्यकता है

भारत का सांस्कृतिक पतन चाहने वाली विदेशी शक्तियां" भी जिस समाज के विरुद्ध सैकड़ों वर्षों से विषवमन करती रही हैं , उस समाज का एक नवयुवक अल्पायु में ही करोड़ों लोगों का नायक बना हुआ है। यह धर्म…

आज तक के कार्यक्रम में साहित्य धूमिल की पटकथा की बाल्टी वाली ‘आग’ है , भीतर तो उर्फी…

जब पोर्न स्टार मिया ख़लीफ़ा किसान आंदोलन में कूद सकती हैं तो साहित्य आज तक मे उर्फी जावेद से क्या दिक़्क़त है भला ?

मुस्लिम देशों में औरतें सब जगह पिटती हैं चाहे सऊदी हो ईरान हो या तालिबान

कट्टरता में ईरान और सऊदी अरब में प्रतिद्वंद्विता चलती रहती है कि कौन ज़्यादा कट्टर है । एक शिया है दूसरा वहाबी सुन्नी ।

आप कैसे वाले मामा हैं, कंस मामा, या शकुनी मामा

Positive India:Sarvesh Kumar Tiwari: कल भांजे को लेकर बात छिड़ी तो एक मित्र ने परिहास करते हुए पूछा- "आप कैसे वाले मामा हैं? कंस मामा, या शकुनी मामा?" मैंने उत्तर देने से पहले सोचा,…