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ये वही घर है जहां से पाकिस्तानी आतंक से भयभीत हो कर मनमोहन सिंह साहब के परिवार को…

जिस आतंक से भयभीत हो कर सिंह साहब के परिवार को अपनी मिट्टी छोड़ कर भागना पड़ा, उसी आतंक के साये में जी रहे शेष सिक्खों, हिंदुओं की उन्हें एक बार भी याद नहीं आयी?

कोहली और सिराज बर्बर ऑस्ट्रेलिया क्रिकेटरों को उन्हीं की भाषा में जवाब दे रहे हैं

ऑस्ट्रेलिया में कोहली और सिराज जो कर रहे हैं, उसमें कुछ बुरा नहीं। दुर्जनों के सामने सज्जनता बघारना बकलोली होती है दोस्त...

डॉ मनमोहन सिंह की बेसाख़्ता याद हमें उनके बारे में कम, अपने बारे में ज़्यादह बताती…

मनमोहन ने कहा था इतिहास उनके प्रति उदारता दिखाएगा, और यह हो रहा है। उनके अवसान पर चतुर्दिक् आदरांजलियाँ हैं। और वे आदरांजलियाँ थोपी हुई नहीं, स्वत:स्फूर्त है। उसमें एक किस्म का नॉस्टेल्जिया…

सूरदास सदैव भावुक कर देते हैं, आश्चर्य में डाल देते हैं।

सूरदास जन्मांध थे। समाज में अंधे सबसे निरीह प्राणी समझे जाते हैं। पर वह अंधा जानता था कि "कौन है जो अंधों को भी भवसागर के पार उतारता है।"