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रद्द होती परीक्षाओं की पीड़ा…

नीतीश बाबू, जिसने बीपीएससी का पेपर लीक किया है उसे केवल सस्पेंड कर के क्या बिगाड़ लेंगे आप? एक साल में दुबारा ज्वाइन कर लेगा वह। होना तो यह चाहिये था कि आप उस पूरे सिस्टम को बर्खास्त करते,…

भारत को ग्लोबल मेडिकल वैल्यू हब बनाने के लिए शुरू हुआ हील इन इंडिया और हील बाय इंडिया

भारत में इलाज की लागत अमेरिका में इलाज की लागत से 65 से 90% कम है। भारत में 39 जेसीआई और 657 एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल हैं, जो वैश्विक गुणवत्ता मानकों और बेंचमार्क के बराबर या उससे…

हमसफर इंडिया 200 नए शहरों में घर-घर डीजल सेवाओं का विस्तार करेगी

पॉजिटिव इंडिया: मुंबई; घरों तक डीजल आपूर्ति की सुविधा प्रदान करने वाली कंपनी हमसफर इंडिया की चालू वित्त वर्ष में देश के 200 और शहरों में सेवाओं का विस्तार करने की योजना है, ताकि इस…

इजराइली सहयोग से भारत के 75 गांवों का कायाकल्प किया जाएगा : कृषि मंत्री तोमर

पॉजिटिव इंडियन:यरुशलम, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यहां कहा कि कृषि के क्षेत्र में भारत-इजराइल सहयोग को अगले स्तर पर ले जाते हुए देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के मौके पर…

तुष्टिकरण की राजनीति सरकारी योजनाओं में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने से खत्म होती है…

पॉजिटिव इंडिया :भरूच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि किसी भी सरकारी योजना में जब शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल कर लिया जाता है तो इससे तुष्टीकरण की राजनीति समाप्त होती है।…

परमाणु परीक्षण के बहाने और निशाने श्रीलंका के रास्ते पर भारत नहीं , पाकिस्तान चल पड़ा…

विपक्ष की मनोकामना है कि भारत में भी श्रीलंका वाली आगजनी हो। मोदी फूंक दिया जाए। भूल जाते हैं यह मनोकामना करते हुए कि श्रीलंका , चीन का उपनिवेश बन चुका है। सब कुछ चीन करवा रहा है श्रीलंका…

इसे पत्रकारिता नहीं दोगलापन कहते हैं

तथाकथित शोधछात्रा की कहानी गढ़ कर आज सुना रहा राजीव रंजन शर्मनाक उदाहरण है इस तथ्य का कि देश में पत्रकारिता के नाम पर केवल प्रधानमंत्री मोदी के विरुद्ध जहर उगलने की सुपारी लेकर घूम रहे…

वह घुंघराले बाल और संतूर की मिठास ! आह !

पंडित शिव कुमार शर्मा का संगीत तो अमर है , सर्वदा रहेगा। मेरे मन में भी। मेरे लिखने में भी पंडित शिव कुमार शर्मा का संतूर बजता ही रहेगा। बस वही नहीं रहेंगे।

हमारे समाज के लेखक का कबीर आख़िर कहां गुम हो गया है ?

मीडिया को हमारा समाज अब दलाल नाम से जानता है । क्या आप लोग चाहते हैं कि आने वाले दिनों में मीडिया की तरह लेखक समाज को भी दलाल कह कर , जाना जाए ? माफ़ कीजिए हमारे आदरणीय लेखक मित्रों आज के दिन…