
दक्षिण में किसी पार्टी ने ब्राह्मण को टिकट ही नहीं दिया
-राजकमल गोस्वामी की कलम से-

Positive India: Rajkamal Goswami:
दक्षिण में ब्राह्मण इस गति को प्राप्त हो गये हैं कि कर्नाटक , तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में राज्य सरकारों को ब्राह्मण कल्याण परिषदों की स्थापना करनी पड़ी है । तमिलनाडु में ब्राह्मण इतना सताया गया कि ब्राह्मण राज्य छोड़ कर पलायन कर गये । राज्य में किसी पार्टी ने टिकट ही नहीं दिया तो विधान सभा ब्राह्मण विहीन हो गई ।
दक्षिण भारतीय राज्यों में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड/परिषद:
कर्नाटक (Karnataka): बीएस येदियुरप्पा सरकार ने 2020 में ‘कर्नाटक राज्य ब्राह्मण विकास बोर्ड’ का गठन किया, जिसका प्रस्ताव पहले एचडी कुमारस्वामी ने 2018 के बजट में दिया था। यह बोर्ड गरीब ब्राह्मणों को शिक्षा, प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता प्रदान करता है, जिसमें महिला कल्याण के लिए विशेष योजनाएं (जैसे अरुंधति और मैत्रेय योजना) भी शामिल हैं।
आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh): यहां ‘आंध्र प्रदेश ब्राह्मण कल्याण परिषद’ (Andhra Pradesh Brahmin Welfare Corporation) के माध्यम से वेद व्यास योजना (वैदिक शिक्षा), सरस्वती योजना (शिक्षा सहायता) और गारुत्मान योजना (स्वास्थ्य) जैसी विभिन्न योजनाएं संचालित की जाती हैं।
तेलंगाना (Telangana): राज्य में ‘तेलंगाना ब्राह्मण समक्षेमा परिषद’ ब्राह्मणों के उत्थान के लिए विभिन्न कल्याणकारी कार्यक्रम और वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
ब्राह्मणों की गति देखते हुए उत्तर भारत में भी शीघ्र ही यह नौबत आने वाली है ।
साभार:राजकमल गोस्वामी-(में लेखक के अपने विचार हैं)