

Positive India: Dayanand Pandey:
जब संसद पर हमला हुआ था , अटल बिहारी वाजपेयी प्रधान मंत्री थे । सारी सरहदों पर सेना तैनात हो गई । महीनों तैनात रही । अटल बिहारी वाजपेयी लगातार कह रहे थे कि अब आर या पार । लेकिन अटल जी की ही एक कविता है , युद्ध न होने देंगे । अटल जी ने युद्ध नहीं होने दिया । लोग तंज करने लगे , कहने लगे कि नोबेल के लिए अटल जी ने युद्ध नहीं होने दिया।
लेकिन नरेंद्र मोदी कवि तो हैं । गुजराती में कविता लिखते रहे हैं । कुछ बहुत अच्छी कविताएं हैं , नरेंद्र मोदी के पास । इन के हिंदी अनुवाद बहुत पहले मैं ने पढ़े हैं । बावजूद कवि होने के नरेंद्र मोदी , अटल बिहारी वाजपेयी नहीं हैं l और कि न कोई कविता लिखी है , युद्ध न होने देंगे जैसी ।
ख़बरें बता रही हैं कि मोदी ने आज बैठक कर सेना को खुली छूट दे दी है । संघ प्रमुख भागवत से भी बैठक की है । उधर पाकिस्तान के प्रधान मंत्री शाहबाज शरीफ़ अपनी बहादुरी दिखाते हुए रावलपिंडी के एक अस्पताल में भर्ती हो गए हैं । उड़ती हुई एक ख़बर यह भी है कि पाकिस्तान के सेनाध्यक्ष मुनीर भी अंतर्ध्यान हैं ।
यह अति हो सकती है , मज़ाक़ भी पर एक सूत्र की मानें तो पाकिस्तान की हेकड़ी निकालने के लिए भारतीय सेना , पाकिस्तान के परमाणु ठिकानों पर पहला हमला कर , मिसाइलों से ही खेल खत्म कर सकती है । इस के लिए पाकिस्तान की धरती पर गए बिना उन्हीं का रसगुल्ला , उन्हीं को खिला सकती है । भारतीय सेना , पाकिस्तान को उस का रसगुल्ला कब खिलाएगी , हमला कब करेगी ?
सूत्र इस पर ख़ामोश हैं ।
अच्छा पाकिस्तान को यह रसगुल्ला खिलाना क्या इतना आसान है ?
आज पहलगाम नरसंहार हुए एक हफ़्ता बीत गया । कार्रवाई की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है ।
पता नहीं क्या होने वाला है । कुछ भी हो पर जैसे भी हो , मनुष्य और मनुष्यता शेष रहे ।
साभार: दयानंद पांडेय-(ये लेखक के अपने विचार हैं)