

Positive India:Raipur:
बड़े हैरानी की बात है कि एक तरफ छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायं पहलगाम में मारे गए व्यक्ति के लाश को अपना कंधा दे रहे हैं, और वहीं दूसरी तरफ शपथ ग्रहण समारोह अपने पूरे लाव लश्कर के साथ अटेंड करने जा रहे हैं । मुख्यमंत्री के लाव-लश्कर में छत्तीसगढ़ के दोनों उपमुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह, वित्त मंत्री ओ पी चौधरी, सांसद ब्रिजमोहन अग्रवाल , विधायक तथा सभी गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहेंगे। क्या किसी ने भी इस तरफ मुख्यमंत्री को इशारा नहीं किया की हालात ऐसे हैं, लोगों का गुस्सा उबल रहा है, पूरा देश एक तरफ मातम मना रहा हैं वहीं दूसरी तरफ ऑडिटोरियम में शपथ ग्रहण एवं सम्मान समारोह आयोजित करने जा रहे हैं वो भी कल 4:30 बजे मेडिकल कॉलेज ऑडिटोरियम में!!!
कितनी अजीब बात है कि जहां पूरा देश शोक मना रहा है और एक गुस्से की लहर दौड़ी हुई है वही छत्तीसगढ़ कैबिनेट कुछ और ही गुल खिला रही है, ऐसा प्रतीत हो रहा है । क्या बिना शपथ ग्रहण के कोई अपना पदभार ग्रहण नहीं कर सकता वह भी इस वक्त!
ज्ञात हो अभी-अभी सवर्दलीय मीटिंग संपन्न हुई है दिल्ली में और अगर देखा जाए तो लोगों की बॉडी लैंग्वेज से यह पता चलता है कुछ तो बड़ा होने वाला है। सरकार पहलगाम हत्याकांड को बहुत सीरियसली ले चुकी है और आगे आतंकवादियों की जड़ से खत्म के लिए और उनका समूल नाश करने के लिए कोई ना कोई बड़ा कदम उठाएगी।
एक तरफ दिल्ली में मोदी सरकार है जो बड़ा कदम उठाने जा रही है वहीं दूसरी तरफ छत्तीसगढ़ की विष्णु देव सरकार है जो यह महसूस भी नहीं कर पा रही है कि उसके इस कदम से बीजेपी के कार्यकर्ताओं एवं आम लोगों में किस कदर की नाराज़गी पनप जाएगी।
क्या यह छत्तीसगढ़ में बीजेपी का पॉलिटिकल फैलियर नहीं होगा?
क्या छत्तीसगढ़ की भारतीय जनता पार्टी के संगठन ने इस तरफ से आंखें मूंद ली हैं? क्या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छत्तीसगढ़ की इकाई ने भी आंखें मूंद रखी है? ऐसा लग रहा है कि पूरी की पूरी मशीनरी लोगों की भावनाओं को समझ कर भी नासमझ बनने की कोशिश कर रही है या फिर कुछ और है?